Israel Hamas War: तीसरे विश्व युद्ध की आशंका! इजरायल ने शुरू की जमीनी कार्रवाई

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Oct 2023 7:51 AM

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Afghans chant slogans during a demonstration against Israeli airstrikes on Gaza, to show solidarity with Palestinian people, as a Taliban fighters stand guard, in Kabul, Afghanistan, Friday, Oct. 13, 2023. (AP/PTI Photo)(AP10_13_2023_000361B)

Israel Hamas War : इजरायल-हमास संघर्ष रूस-यूक्रेन संघर्ष की तुलना में बहुत बड़ा तो है ही, साथ में खतरनाक भी है. पूरी दुनिया का केंद्र आने वाले समय में इसी संघर्ष पर केंद्रित होती दिखेगी. लोगों के मन में तीसरे विश्व युद्ध को लेकर सवाल उठ रहा है.

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Israel Hamas War : इजरायल और हमास के बीच लगातार आठवें दिन भी जंग जारी है. इस बीच इजरायल की सेना ने गाजा सिटी में रहने वाले करीब 10 लाख लोगों को वहां से चले जाने का शुक्रवार को निर्देश दिया जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. इस आदेश के बाद क्षेत्र में इजरायल की ओर से जमीनी कार्रवाई किये जाने की आशंका तेज हो गयी है. वहीं, हमास ने लोगों से अपने घरों में रहने को कहा है. इन सबके बीच भारी दहशत है. खबर के अनुसार, इजरायल के आदेश के बाद लोगों ने उत्तरी हिस्से को खाली कर दक्षिण की ओर भागना शुरू कर दिया है. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पूरे इलाके को खाली करना आसान नहीं है. इस बीच लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि कहीं दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर तो नहीं बढ़ रहा. दरअसल, इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर दुनिया एक बार फिर से दो हिस्सों में बंटती दिख रही है.

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रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो इससे आने वाले समय में बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियां दुनिया के सामने खड़ी होती नजर आ सकती है. इस समस्या से निपटने के लिए सभी देशों को आगे बढ़कर फिलिस्तीन विवाद का समाधान निकालने का प्रयास करना होगा. विशेषज्ञों की मानें तो इजरायल-हमास संघर्ष रूस-यूक्रेन संघर्ष की तुलना में बहुत बड़ा तो है ही, साथ में खतरनाक भी है. पूरी दुनिया का केंद्र आने वाले समय में इसी संघर्ष पर केंद्रित होती दिखेगी.

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इधर, गाजा स्थित अस्पतालों ने कहा है कि घायलों को यहां से निकालना मुश्किल है. कई की हालत गंभीर है. उन्हें निकालने से स्थिति विकट हो सकती है. इधर, गाजा खाली करने के 24 घंटे के फरमान के बाद इस्राइली सैनिक बंधकों और हमास व हिज्बुल्ला के आतंकवादियों की खोज में गाजा में घुस गये. जमीनी कार्रवाई के लिए सेना के साथ-साथ टैंक और अन्य आर्टिलरी वाहन चल रहे हैं.

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इजरायल का आरोप है कि हमास फिलीस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लगाकर घनी आबादी के बीच अपने गोला बारूद व हथियार का जखीरा जमा करता है. इजरायल ने गाजा में जमीन के नीचे सुरंगों के जाल की ओर भी इशारा किया है जिसे ‘मेट्रो’ कहा जाता है. हमास के लड़ाके छिपने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. अब तक दोनों पक्षों के 2,800 लोगों की जान जा चुकी है.

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एक नजर ताजा घटनाक्रम पर

-गाजा के 10 लाख लोग दहशत में, दक्षिण की ओर भाग रहे

-हमास का दावा- इस्राइल की बमबारी में 13 बंधकों की मौत

-सऊदी अरब बोला- घटनाक्रम पर नजर फैसला समय पर

-फ्रांस में फिलीस्तीन के समर्थन वाले सभी प्रदर्शनों पर रोक

-सुरक्षा आंशकाओं के बीच लंदन स्थित दो यहूदी स्कूल बंद

-गाजा पर हवाई हमले के विरोध में यमन इंडोनेशिया में प्रदर्शन

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ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीरबदुल्लाहियां ने चेतावनी दी कि अगर गाजा पट्टी पर इस्राइल के हमले तुरंत नहीं रुके, तो हिंसा पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों में फैल सकती है.

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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन शुक्रवार को इजरायल के वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए तेल अवीव पहुंचे. ऑस्टिन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. इधर, इजरायल ने कहा कि बीजिंग में उसके दूतावास के एक कर्मचारी पर शुक्रवार को हमला किया गया, जिसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती हैं.चीन ने हमले के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है.

भाषा इनपुट के साथ

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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