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पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री कौन? नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो के बीच 3-2 फॉर्मूले पर चर्चा

पीएमएल-एन, पीपीपी और पीटीआई, तीनों ही प्रमुख दलों में से किसी को 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में बहुमत हासिल करने के लिए आवश्यक सीट नहीं मिली हैं और इसलिए वे अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएंगे. इसलिए, अभी यह साफ नहीं है कि नकदी के संकट से जूझ रहे देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा.

पाकिस्तान के संसदीय चुनाव में खंडित जनादेश आने के बाद गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास सोमवार को तेज हो गए. इसी के तहत पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पांच साल के कार्यकाल को विभाजित करने के लिए सत्ता बंटवारे के नए फॉर्मूला पर चर्चा की.

इमरान खान समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती सबसे ज्यादा सीटें

जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों के संसद में सबसे अधिक सीटें जीतने के बावजूद पाकिस्तान की अगली सरकार की तस्वीर को लेकर सवाल बरकरार हैं.

किसी भी पार्टी को नहीं मिली बहुमत

पीएमएल-एन, पीपीपी और पीटीआई, तीनों ही प्रमुख दलों में से किसी को 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में बहुमत हासिल करने के लिए आवश्यक सीट नहीं मिली हैं और इसलिए वे अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएंगे. इसलिए, अभी यह साफ नहीं है कि नकदी के संकट से जूझ रहे देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा.

Also Read: Pakistan Election Results: वसीम कादिर ने इमरान खान को दिया झटका, जीत के बाद नवाज शरीफ की पार्टी में शामिल

पाकिस्तान में 3-2 फॉर्मूले पर बन सकती है सरकार

केंद्र और प्रांतों में गठबंधन सरकार बनाने के अपने प्रयासों के तहत पीएमएल-एन और पीपीपी के नेताओं ने आठ फरवरी के चुनाव के बाद अपनी पहली बैठक में आधे कार्यकाल के लिए एक प्रधानमंत्री नियुक्त करने के विचार पर बातचीत की. सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव रखा गया है कि पीएमएल-एन का एक उम्मीदवार तीन साल के लिए प्रधानमंत्री रहेगा और पीपीपी का नेता दो साल इस पद पर रहेगा. उन्होंने कहा कि पहला कार्यकाल किसे मिलेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है. बैठक में पीपीपी के संसदीय अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और पीएमएल-एन से पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल हुए.

2013 में बलूचिस्तान में सत्ता साझेदारी के इसी फॉर्मूले को अपनाया था

पीएमएल-एन और नेशनल पार्टी ने 2013 में बलूचिस्तान में सत्ता साझेदारी के इसी फॉर्मूले को अपनाया था. पीएमएल-एन के पाकिस्तान में हुए आठ फरवरी के आम चुनाव में साधारण बहुमत हासिल नहीं करने के बावजूद इसके अध्यक्ष नवाज शरीफ अब भी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में बने हुए हैं.

इमरान खान की पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों ने 101 सीट पर जीत दर्ज की

पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने रविवार को आम चुनाव के अंतिम परिणाम घोषित किए, जिसमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 101 सीट पर जीत दर्ज की है. वहीं, तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 75 सीट जीतकर तकनीकी रूप से संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बिलावल जरदारी भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 54 सीट मिलीं, जबकि विभाजन के दौरान भारत से आए उर्दू भाषी लोगों की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) को 17 सीट मिली हैं. बाकी 12 सीट पर अन्य छोटे दलों ने जीत हासिल की.

पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए क्या है समीकरण

सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को प्रत्यक्ष मतदान से निर्वाचित 133 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, साधारण बहुमत हासिल करने के लिए 336 में से 169 सीट की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित सीट भी शामिल हैं.

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