अमेरिका की किस जेल में हैं निकोलस मादुरो? नरक जैसा और लगातार चलती त्रासदी मानी जाती है यहां की कैद
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 05 Jan 2026 2:18 PM
निकोलस मादुरो ब्रुकलिन की जेल में कैद.
Nicolas Maduro in Brooklyn Jail: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 3 जनवरी को अमेरिकी सेना के हमले में गिरफ्तार करके ब्रुकलिन की जेल में रखा गया है. उन पर ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाया गया है. उनके साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी हिरासत में लिया गया है.
Nicolas Maduro in Brooklyn Jail: अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्थित जेल में को रखा गया है. यह ऐसी जेल है, जो लंबे समय से अव्यवस्थाओं और खराब हालात को लेकर विवादों में रही है. हालात इतने गंभीर रहे हैं कि कुछ न्यायाधीशों ने वहां आरोपियों को भेजने से तक परहेज किया है. इसके बावजूद इस जेल में पहले आर. केली और सीन ‘डिडी’ कॉम्ब्स जैसे नामी कैदी भी रखे जा चुके हैं. 3 जनवरी की रात मादुरो की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में वेनेज़ुएला के प्रवासी झंडे लेकर जेल के बाहर जमा हो गए और जश्न मनाने लगे. जैसे ही मादुरो और उनकी पत्नी को लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वाहन जेल परिसर में पहुंचे, भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी.
1990 के शुरुआती दशक में स्थापित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (एमडीसी) ब्रुकलिन में इस समय करीब 1,300 कैदी बंद हैं. यह आम तौर पर मैनहैटन और ब्रुकलिन की संघीय अदालतों में मुकदमे का सामना कर रहे आरोपियों की पहली हिरासत होती है, जहां कथित गिरोह सदस्यों, ड्रग तस्करों और व्हाइट-कॉलर अपराधों के आरोपियों को एक साथ रखा जाता है. एमडीसी ब्रुकलिन में बंद किए जाने वाले मादुरो पहले राष्ट्रपति नहीं हैं. इससे पहले होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज को भी इसी जेल में रखा गया था. उन पर अमेरिका में सैकड़ों टन कोकीन की तस्करी का मामला चला था. दोषी ठहराए जाने और 45 साल की सजा मिलने के बाद उन्हें दिसंबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माफी देकर रिहा कर दिया था.
अभी कौन कौन हैं इस जेल में
फिलहाल इस जेल में मेक्सिको के सिनालोआ ड्रग कार्टेल के सह-संस्थापक इस्माइल ‘एल मायो’ जाम्बाडा गार्सिया और यूनाइटेडहेल्थकेयर के सीईओ की हत्या के आरोपी लुइगी मैनजियोनी जैसे कैदी भी बंद हैं. इससे पहले यहां क्रिप्टो उद्यमी सैम बैंकमैन-फ्राइड और जेफ्री एपस्टीन की सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल भी रखी जा चुकी हैं. समुद्र किनारे औद्योगिक क्षेत्र में, एक शॉपिंग मॉल के पास स्थित और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दिखाई देने वाली इस जेल को कई बार “नरक जैसा” और “लगातार चलती त्रासदी” कहा गया है. कैदियों और उनके वकीलों ने लंबे समय से जेल के भीतर हिंसा को लेकर शिकायतें की हैं. साल 2024 में दो कैदियों की अन्य कैदियों द्वारा हत्या कर दी गई थी, जबकि कुछ जेल कर्मचारियों पर रिश्वत लेने और प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के आरोप भी लगे थे.
एक हफ्ते तक अंधेर और भीषण ठंड में थी जेल
2019 की सर्दियों में बिजली गुल हो जाने से यह जेल करीब एक हफ्ते तक अंधेरे और भीषण ठंड में डूबी रही थी. हालांकि हाल के महीनों में संघीय कारागार ब्यूरो ने हालात बेहतर होने का दावा किया है. इसके तहत अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और मेडिकल स्टाफ तैनात किए गए, रखरखाव से जुड़ी 700 से ज्यादा लंबित शिकायतों को निपटाया गया और बिजली, प्लंबिंग, भोजन सेवा तथा हीटिंग और एयर कंडीशनिंग सिस्टम में सुधार किया गया.
ब्यूरो के मुताबिक हिंसा में आई है कमी
जेल के अंदर आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के प्रयास भी किए गए हैं. पिछले मार्च में 23 कैदियों पर हथियारों की तस्करी से लेकर मशहूर हिप-हॉप कलाकार जैम मास्टर जे की हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति पर हमले तक के आरोप लगाए गए थे. कारागार ब्यूरो ने सितंबर में कहा था, “संक्षेप में, एमडीसी ब्रुकलिन कैदियों और कर्मचारियों दोनों के लिए सुरक्षित है.” ब्यूरो के मुताबिक, जनवरी 2024 में यहां कैदियों की संख्या 1,580 थी और संख्या में कमी आने के बाद अपराध और प्रतिबंधित सामान से जुड़ी घटनाओं में काफी गिरावट दर्ज की गई है.
सोमवार को अदालत में पेश होंगे मादुरो
2021 के बाद से एमडीसी ब्रुकलिन पर निगरानी और सख्त की गई है. ऐसा तब किया गया, जब न्यूयॉर्क शहर की दूसरी संघीय जेल मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर को बंद कर दिया गया था. उस जेल में जेफ्री एपस्टीन की मौत ने सुरक्षा में चूक, जर्जर ढांचे और बदतर हालात को उजागर कर दिया था. खैर, मादुरो पर ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए गए हैं. उन्हें सोमवार, 5 जनवरी को अदालत में पेश किया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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