Pakistan Lahore FIR registered against Qawwal: पाकिस्तान में इमरान खान को जेल गए 2 साल से ज्यादा समय बीत चुका है. अगस्त 2023 में उन्हें अल कादिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के लिए 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. उनको सत्ता से बेदखल करने में वर्तमान आर्मी चीफ आसिम मुनीर का सबसे बड़ा हाथ माना जाता है. हालांकि, इतने लंबे समय से जेल में रहने के बावजूद, अब तक मुनीर को इमरान खान का डर सता रहा है. इमरान खान से संबंधित किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पाकिस्तान का वर्तमान सत्ता प्रतिष्ठान तनिक भी हिचक नहीं दिखा रहा है. रविवार को लाहौर के शालीमार गार्डन्स में आयोजित एक सरकार प्रायोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान ‘कैदी नंबर 804’ नामक गीत गाने पर पुलिस ने एक गायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. (Imran Khan Prisoner Number 804) इस मामले में एक आरोपी एक कव्वाल को बनाया गया है.
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, एक कव्वाल पर कार्यक्रम को ‘राजनीतिक रंग’ देने का आरोप लगाया गया है. थाने में दर्ज की गई एफआईआर में शिकायतकर्ता और शालीमार गार्डन्स के प्रभारी ज़मीरुल हसन ने आरोप लगाया कि गायक फराज खान ने जानबूझकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का दुरुपयोग किया और लोगों को भड़काने की कोशिश की. यह गीत जेल में बंद पीटीआई संस्थापक इमरान खान से जुड़ा बताया जा रहा है. फराज खान ने कहा कि यह गीत एक विशेष राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है, जबकि यह कार्यक्रम वॉल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी द्वारा आयोजित एक गैर-राजनीतिक संगीत और सांस्कृतिक संध्या थी.
शिकायतकर्ता का दावा- गीत से अशांति फैलेगी
शिकायत में कहा गया है कि गायक और उसके साथियों ने दर्शकों के कुछ लोगों की मांग पर पीटीआई नेता से जुड़े इस गीत को प्रस्तुत किया. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी को यह ध्यान रखना चाहिए था कि कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला था और इसमें अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी मौजूद थे. शिकायतकर्ता के अनुसार, यह विवादास्पद गीत अशांति या हिंसा भड़कने का खतरा पैदा कर सकता था. उन्होंने कहा कि आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.
जेल में इमरान खान मानसिक रूप से काफी हताश हैं
पाकिस्तान के चर्चित इस्लामिक स्कॉलर मोहम्मद अली मिर्जा ने दावा किया है कि अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मानसिक रूप से काफी हताश हैं. हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल ईशनिंदा मामले में उसी जेल में निरुद्ध रहे और बाद में जमानत पर रिहा हुए मिर्जा ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि सितंबर 2023 से कैद इमरान खान पूरी तरह अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि उन्हें दो अखबार और टीवी उपलब्ध है, जिससे वे बाहरी घटनाक्रम से जुड़े रहते हैं.
उनके अनुसार, लंबे समय से जेल में रहने के चलते निराशा स्वाभाविक है और इमरान खान को कुल छह बैरक दिए गए हैं, जिनमें से पांच उनके निजी इस्तेमाल के लिए जबकि एक उनके अटेंडेंट के लिए है. इन खुलासों के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि जेल में पीटीआई प्रमुख को कैसी सुविधाएं मिल रही हैं, जिस पर द एक्सप्रेस ट्रिब्यून समेत कई मीडिया संस्थानों ने रिपोर्टें प्रकाशित की हैं.
खान और बुशरा बीबी के लिए समिति गठन की मांग
इससे पहले पीटीआई ने सीनेट चेयरमैन को पत्र लिखकर इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जेल में कथित एकांत कारावास और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए संसदीय समिति गठित करने की मांग की थी, जबकि दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र की यातना पर विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स ने भी उनकी हिरासत की परिस्थितियों को अमानवीय और अपमानजनक बताते हुए पाकिस्तान सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की थी. इमरान खान को हाल के दिनों में अपने परिजनों से भी मुलाकात की इजाजत नहीं मिल रही है. उन्हें कोर्ट से हर मंगलवार अपने वकील और बहनों से मुलाकात की इजाजत मिली है, लेकिन पाकिस्तान में अप्रत्यक्ष रूप से शासन कर रहा सैन्य प्रतिष्ठान इस पर लगातार बंदिशें लगा रहा है.
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