रूसी तेल के बाद अब ईरानी क्रूड पर मेहरबान ट्रंप सरकार, 30 दिन की मिली छूट; तेहरान बोला- स्टॉक नहीं

Updated at : 21 Mar 2026 8:44 AM (IST)
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US Waives Sanctions On Iranian Oil after Russia

तस्वीर में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट

US Waives Sanctions On Iranian Oil: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के कच्चे तेल पर लगी पाबंदियों में 30 दिनों की ढील दी है. इसका मकसद ग्लोबल मार्केट में करीब 140 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल करना और चीन के दबदबे को कम करना है.

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US Waives Sanctions On Iranian Oil: रूस के बाद अब अमेरिका ने ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिनों की ढील दे दी है. यह फैसला समुद्र में मौजूद उस ईरानी तेल के लिए लिया गया है जो पहले से जहाजों पर लदा हुआ है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुनिया भर में तेल की कमी न हो, इसलिए अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने यह मंजूरी दी है. उन्होंने साफ किया कि यह छूट सिर्फ उस कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए है जो ट्रांजिट में हैं. यानी 20 मार्च से 19 अप्रैल के बीच लोड किए गए तेल को ही बाजार में बेचा जा सकेगा, इसमें नई खरीदारी या नए प्रोडक्शन की अनुमति नहीं होगी.

मार्केट में आएगा 140 मिलियन बैरल तेल

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि इस कदम से ग्लोबल मार्केट में करीब 140 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई तुरंत बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी तक प्रतिबंधित ईरानी तेल को चीन सस्ते दामों पर दबाकर बैठा था. अब इस सप्लाई को खोलकर अमेरिका दुनिया भर में तेल की कीमतों को कम रखने की कोशिश कर रहा है. बेसेंट के अनुसार, अमेरिका ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के ही तेल का इस्तेमाल तेहरान के खिलाफ कीमतें गिराने के लिए करेगा. पिछले दो हफ्तों में यह तीसरी बार है जब वॉशिंगटन ने तेल प्रतिबंधों में ढील दी है.

ईरान को नहीं मिलेगा कमाई का पैसा

इस फैसले पर एक्सपर्ट्स ने सवाल भी उठाए हैं. ब्लैकस्टोन कॉम्प्लायंस सर्विसेज के डेविड टेनेंबाम ने बीबीसी से कहा कि यह फैसला समझ से बाहर है क्योंकि इससे ईरान को तेल बेचकर युद्ध के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, बेसेंट ने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के लिए इस कमाई तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ईरान पर अपना ‘मैक्सिमम प्रेशर’ और वित्तीय पाबंदियां जारी रखेगा ताकि उसे अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम का फायदा न मिल सके.

ईरान ने कहा- हमारे पास एक्स्ट्रा तेल नहीं

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के इन दावों को हवा-हवाई बताया है. ईरानी तेल मंत्रालय के प्रवक्ता समन घोडदूसी ने X पर लिखा कि ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए कोई सरप्लस (अतिरिक्त) कच्चा तेल बचा ही नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का बयान सिर्फ खरीदारों को एक झूठी उम्मीद देने के लिए है. बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं.

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ट्रंप सरकार की नई एनर्जी स्ट्रैटेजी

ट्रंप प्रशासन अब तक बाजार में लगभग 440 मिलियन बैरल अतिरिक्त तेल लाने की कोशिश कर चुका है. स्कॉट बेसेंट ने ईरान को ‘ग्लोबल टेररिज्म का सिर’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अपनी आर्थिक और सैन्य ताकत का इस्तेमाल दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए करेगा. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल सप्लाई चेन और मार्केट को स्थिर रखा जा सके.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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