US में बाप को पकड़ने के लिए 5 साल के बच्चे को बनाया ‘चारा’; फिर हिरासत में डाला, ICE की हरकत

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 23 Jan 2026 1:28 PM

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पिता को पकड़ने के लिए मिनियापोलिस में 5 साल के बच्चे को मोहरा बनाया गया. फोटो-एक्स.

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन को लेकर हो रही कार्रवाई अब छोटे-छोटे बच्चों को भी मुश्किल में डाल रही है. एक ताजा मामला सामने आया है, जिसमें मिनेसोटा के मिनियापोलिस में एक 5 साल के बच्चे को चारे की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी देखी जा रही है.

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अमेरिका में ICE एजेटों से जुड़ा एक और मामला सामने आया है. इसमें एक छोटे से बच्चे को ढाल बनाकर उसके पिता को हिरासत में लिया गया. मिनेसोटा के मिनियापोलिस में प्रीस्कूल से घर लौट रहे 5 साल के बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को संघीय एजेंटों ने उसके पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो एरियस के साथ पकड़ लिया. दोनों को टेक्सास के एक डिटेंशन सेंटर भेज दिया. ICE एजेंटों ने दोनों को उस समय पकड़ा, जब वे स्कूल से लौट रहे थे. स्कूल प्रशासन और परिवार के वकील के मुताबिक, यह घटना मिनियापोलिस के पास एक उपनगर में हुई. हाल के हफ्तों में इसी इलाके से पकड़ा गया यह चौथा छात्र है.

स्कूल अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर लियाम अपने पिता के साथ कार में घर पहुंचा ही था कि एजेंटों ने उन्हें ड्राइववे में रोक लिया. स्कूल की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने कहा कि एजेंटों ने बच्चे से घर का दरवाजा खटखटाने को कहा, ताकि देखा जा सके कि अंदर और कोई है या नहीं. उनका आरोप है कि “एक 5 साल के बच्चे को चारे की तरह इस्तेमाल किया गया.” बच्चे के पिता ने अंदर मौजूद मां से दरवाजा न खोलने को कहा. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, लियाम कोनेजो रामोस की मां गर्भवती है. उसका एक और बेटा है. जब पड़ोसियों ने ICE अधिकारियों को घर पर दस्तक देते हुए देखा, तो उन्होंने भी मां को घर का दरवाजा न खोलने की अपील की. 

सरकार की ओर से कहा गया कि पिता ने खुद बच्चे को अपने साथ रखने की इच्छा जताई थी और दोनों अब टेक्सास के डिली डिटेंशन सेंटर में हैं. अधिकारियों के मुताबिक, वे बच्चे के पिता को पकड़ने आए थे, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे. सरकारी प्रवक्ता के अनुसार पिता बच्चे को छोड़कर भाग गया. जिसके बाद ICE अधिकारी बच्चे के साथ रुके रहे. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अधिकारियों की ही बात की तस्दीक की. 

वहीं, स्कूल प्रशासन का कहना है कि परिवार 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आया था. परिवार के वकील मार्क प्रोकोश ने कहा कि उनका शरणार्थी मामला अभी चल रहा है, उन्हें देश छोड़ने का कोई आदेश नहीं था. लेकिन इसके बावजूद एजेंट बच्चे को किसी और बड़े व्यक्ति या स्कूल अधिकारियों के हवाले करने को तैयार नहीं हुए. पूरे परिवार ने पिछले साल (2024 में) खुद को सीमा अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया था.

इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है. स्कूलों में बच्चों की मौजूदगी तेजी से घटी है और कई दिन तो एक-तिहाई छात्र स्कूल ही नहीं आए. शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चे डरे हुए हैं. लियाम की टीचर ने उसे एक प्यारा और दयालु बच्चा बताया और कहा कि पूरा क्लास उसे याद कर रहा है. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर काफी गुस्सा देखा जा रहा है.

बच्चे का मामला उठने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि टेक्सास के जिस डिटेंशन सेंटर में बच्चे रखे जा रहे हैं, वहां हालात बहुत खराब हैं और कई बच्चे लंबे समय से बीमार हालत में बंद हैं. अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूरे परिवार को साथ होना चाहिए था, न कि डिटेंशन सेंटर पर. इस पूरे मामले ने अमेरिका में इमिग्रेशन कार्रवाई और बच्चों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना से पहले मिनियापोलिस में ICE अधिकारियों ने एक महिला को 8 जनवरी 2026 को गोली मार दी थी, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे.  

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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