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'कोरोना वायरस के कारण विश्व में 2.5 करोड़ लोगों की नौकरी गयी' - संयुक्त राष्ट्र संघ

Updated at : 19 Mar 2020 2:50 PM (IST)
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'कोरोना वायरस के कारण विश्व में  2.5 करोड़ लोगों की नौकरी गयी' - संयुक्त राष्ट्र संघ

Wuhan: In this March 18, 2020 photo released by China's Xinhua News Agency, people applaud as departing medical workers enter Wuhan Tianhe International Airport in Wuhan in central China's Hubei Province. Last month, Wuhan was overwhelmed with thousands of new cases of coronavirus each day. But in a dramatic development that underscores just how much the outbreak has pivoted toward Europe and the United States, Chinese authorities said Thursday that the city and its surrounding province had no new cases to report. The virus causes only mild or moderate symptoms, such as fever and cough, for most people, but severe illness is more likely in the elderly and people with existing health problems. AP/PTI(AP19-03-2020_000062B)

ILO Report Corona Virus के प्रभाव के कारण पूरे विश्व में तकरीबन 2.5 करोड़ लोगों की नौकरी जा सकती है. साथ ही, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित असंगठित क्षेत्र के कामगार होंगे. यह खुलासा UN की एक रिपोर्ट में हुई है.

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जेनेवा : कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण पूरे विश्व में तकरीबन 2.5 करोड़ लोगों की नौकरी जा सकती है. साथ ही, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित असंगठित क्षेत्र के कामगार होंगे. यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में हुई है.

संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग 2.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीतिगत कार्रवाई के जरिए वैश्विक बेरोजगारी पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है.

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कोविड-19 और कामकाजी दुनिया प्रभाव और कार्रवाई शीर्षक वाली अपनी प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट में कार्यस्थल में श्रमिकों की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था को मदद और रोजगार तथा आमदनी को बनाए रखने के लिए तत्काल, बड़े पैमाने पर और समन्वित उपायों का आह्वान किया है.

आईएलओ ने कहा कि इन उपायों में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, रोजगार बनाए रखने में सहायता (यानी कम अवधि का काम, वैतनिक अवकाश, अन्य सब्सिडी) और छोटे तथा मझोले उद्योगों के लिए वित्तीय और कर राहत शामिल हैं. आईएलओ ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते पैदा हुए आर्थिक और श्रम संकट से दुनिया भर में करीब 2.5 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि जैसा 2008 के संकट में देखा गया था, अगर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीतिगत कार्रवाई पर गंभीरता से अमल करें तो वैश्विक बेरोजगारी पर प्रभाव काफी कम हो सकता है.

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AvinishKumar Mishra

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By AvinishKumar Mishra

AvinishKumar Mishra is a contributor at Prabhat Khabar.

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