ब्रिटेन का 'द शॉशैंक रिडेम्प्शन', दूसरे के अपराध में काटी 17 साल जेल; 23 साल बाद मिला असली गुनहगार
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 06 Jun 2026 9:57 AM
एंड्रयू माल्किंसन.
UK Court Andrew Malkinson Shawshank Redemption: 17 साल जेल में बिताने वाले एंड्रयू माल्किंसन की कहानी ने ब्रिटेन को झकझोर दिया है. जिस अपराध के लिए उन्हें सजा मिली, उसका असली दोषी 23 साल बाद पकड़ा गया. यह ब्रिटेन की सबसे चर्चित न्यायिक भूलों में से एक मानी जा रही है.
UK Court Andrew Malkinson Shawshank Redemption: अगर आपने ‘द शॉशैंक रिडेम्प्शन’ देखी हो, तो आपको एंडी डुफ्रेन याद होगा. एक ऐसा व्यक्ति जो खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन सालों तक जेल की दीवारों के पीछे कैद रहा. ब्रिटेन में एंड्रयू माल्किंसन की कहानी भी कुछ ऐसी ही लगती है. फर्क सिर्फ इतना है कि वह फिल्म थी और यह सच्ची घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. करीब दो दशक तक एक ऐसा व्यक्ति अपराधी कहलाता रहा, जिसने वह अपराध किया ही नहीं था. और जिस शख्स ने वास्तव में अपराध किया, वह खुलेआम अपनी जिंदगी जीता रहा. अब 23 साल बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हुई है.
कहानी की शुरुआत 2003 के उस हमले से
साल 2003 में ग्रेटर मैनचेस्टर में 33 वर्षीय एक महिला के साथ बेहद क्रूर दुष्कर्म की घटना हुई. जांच शुरू हुई और पुलिस की पहचान परेड में महिला ने एंड्रयू माल्किंसन की ओर इशारा किया. उस समय स्थानीय शॉपिंग सेंटर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले माल्किंसन को गिरफ्तार कर लिया गया.
अगले साल 2004 में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए कम से कम सात साल की सजा सुनाई. लेकिन माल्किंसन शुरू से लेकर अंत तक एक ही बात कहते रहे, ‘मैं निर्दोष हूं.’
बेगुनाही की कीमत: सात नहीं, पूरे 17 साल जेल
आमतौर पर दोष स्वीकार करने वाले कैदियों को राहत मिल सकती है, लेकिन माल्किंसन ने ऐसा कभी नहीं किया. उन्होंने अपराध कबूल करने से इनकार कर दिया क्योंकि उनका कहना था कि उन्होंने कोई अपराध किया ही नहीं. इसका परिणाम यह हुआ कि वे सिर्फ सात साल नहीं, बल्कि 17 साल तक जेल में रहे.
साल 2020 में उनकी रिहाई तो हुई, लेकिन उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई. उनका नाम अब भी ब्रिटेन के यौन अपराधियों के रजिस्टर में दर्ज था. जेल से बाहर आने के बाद भी वे कानूनी लड़ाई लड़ते रहे, क्योंकि उन्हें सिर्फ आजादी नहीं, अपना सम्मान वापस चाहिए था.
फिर आया वह सबूत जिसने सब बदल दिया
समय बदला, तकनीक बदली और डीएनए जांच पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो गई. माल्किंसन की कानूनी टीम और ‘अपील’ नामक कानूनी सहायता संस्था ने पीड़िता के कपड़ों से मिले डीएनए नमूनों की फिर से जांच कराई. इसी जांच ने उस व्यक्ति तक पहुंच बनाई, जिसका नाम था- पॉल क्विन.
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तस्वीर साफ होती गई. डीएनए सबूत सीधे पॉल क्विन की ओर इशारा कर रहे थे. आखिरकार जुलाई 2023 में कोर्ट ऑफ अपील ने एंड्रयू माल्किंसन की सजा रद्द कर दी और उन्हें आधिकारिक तौर पर निर्दोष घोषित कर दिया गया.
जिसने अपराध किया, वह 23 साल तक आजाद घूमता रहा
डीएनए से पहचान होने के बाद 6 बच्चों के पिता पॉल क्विन के खिलाफ मुकदमा चला. मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में छह सप्ताह तक सुनवाई चली और अप्रैल में उसे दोषी करार दिया गया. अब शुक्रवार को अदालत ने 52 वर्षीय क्विन को 21 साल की जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ तीन साल की विस्तारित निगरानी अवधि भी जोड़ी गई है. वह 14 साल बाद पैरोल के लिए आवेदन कर सकेगा.
सजा सुनाते समय न्यायाधीश रॉबर्ट ब्राइट ने कहा कि क्विन ने अपनी आजादी का आनंद एक निर्दोष व्यक्ति की कीमत पर लिया. अदालत ने यह भी बताया कि जिस समय यह अपराध हुआ था, उस समय क्विन की उम्र 29 वर्ष थी. लेकिन, उसके आपराधिक और यौन अपराध से जुड़े रिकॉर्ड की शुरुआत 12 वर्ष की उम्र से ही हो चुकी थी.
दो बार अदालत पहुंची पीड़िता, जज ने बताया ‘बहादुर’
मामले की पीड़िता को वर्षों के अंतराल पर दो अलग-अलग मुकदमों में गवाही देनी पड़ी. अदालत ने उनके साहस की सराहना करते हुए उन्हें असाधारण रूप से बहादुर बताया. यह मामला सिर्फ एक गलत सजा की कहानी नहीं, बल्कि उस महिला की भी कहानी है, जिसे न्याय पाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा.
अब मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं माल्किंसन
माल्किंसन का कानूनी संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. वे अब ब्रिटिश सरकार से उन 17 वर्षों के लिए मुआवजा मांग रहे हैं, जो उन्होंने एक ऐसे अपराध की सजा काटते हुए गंवा दिए, जो उन्होंने किया ही नहीं था. उनकी ओर से पैरवी कर रही लॉ फर्म हिकमैन एंड रोज के वकील टोबी विल्टन का कहना है कि यह अध्याय जरूर बंद हुआ है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी बाकी है. उनके मुताबिक, माल्किंसन चाहते हैं कि ब्रिटेन की मुआवजा व्यवस्था में बदलाव हो, क्योंकि न्यायिक भूलों के शिकार लोगों को उनकी वास्तविक क्षति के मुकाबले बेहद कम मुआवजा मिलता है.
ये भी पढ़ें:- कौन हैं मारिया जखारोवा? विदेशियों के लिए पुतिन सरकार की जुबान; 23 साल में लगातार बढ़ा पद और कद
ये भी पढ़ें:- कौन हैं आशीष वासवानी? BIT मेसरा का ‘हीरा’, साथियों के साथ मिलकर लिखी ‘AI की बाइबल’ और बदल गई दुनिया
पुलिस और न्याय व्यवस्था भी जांच के घेरे में
इस मामले का असर अब ब्रिटेन की संस्थाओं तक पहुंच चुका है. 2024 में हुई समीक्षा में कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिनके कारण माल्किंसन को लगभग एक दशक पहले ही निर्दोष साबित किया जा सकता था. इसके बाद सार्वजनिक जांच शुरू की गई.
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के पांच पूर्व अधिकारियों और एक वर्तमान अधिकारी की भूमिका की भी जांच हो रही है. उधर, क्रिमिनल केसेज रिव्यू कमीशन के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दोनों अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने भी बाद में एंड्रयू माल्किंसन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी.
एक फैसला जिसने ब्रिटेन को आईना दिखा दिया
एंड्रयू माल्किंसन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं है. यह उस सवाल की भी कहानी है कि अगर कोई निर्दोष व्यक्ति वर्षों तक जेल में रह सकता है, तो न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी क्या है? 23 साल बाद असली अपराधी जेल पहुंच गया है, लेकिन जो समय माल्किंसन से छिन गया, उसे कोई अदालत, कोई फैसला और कोई मुआवजा कभी वापस नहीं लौटा सकता.
ये भी पढ़ें:- भारत में जिन सैनिकों की भर्ती बंद हुई, ब्रिटेन उन्हें भर-भरकर ले रहा; रेजिमेंट की नई यूनिट बनाई
ये भी पढ़ें:- सोशल मीडिया पर 15 लाख फॉलोवर वाला कुत्ता हुआ चोरी, फिर मारकर खा गए लोग; जनता का फूटा गुस्सा
द शॉशैंक रिडेम्प्शन क्या है?
अगर आप द शॉशैंक रिडेम्प्शन से परिचित नहीं हैं, तो आपको जेल तोड़कर भाग निकलने की काल्पनिक कहानी पर आधारित यह स्लो थ्रिलर फिल्म देखनी चाहिए. क्यों? क्योंकि इस फिल्म को दुनिया की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है. वर्ष 1994 में रिलीज हुई इस फिल्म ने IMDb पर 9.3/10 की शानदार रेटिंग हासिल की है और आज भी यह IMDb की ऑल-टाइम टॉप 250 फिल्मों की सूची में पहले स्थान पर बनी हुई है.
करीब 2.5 करोड़ डॉलर के बजट में बनी यह फिल्म शुरुआती दौर में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, लेकिन बाद में टीवी प्रसारण, वर्ड ऑफ माउथ और डीवीडी रिलीज के जरिए इसे जबरदस्त लोकप्रियता मिली. 1995 में यह सबसे ज्यादा बिकने वाली वीडियो फिल्मों में शामिल रही.
फिल्म को 1995 के ऑस्कर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मॉर्गन फ्रीमैन) और सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा सहित सात श्रेणियों में नामांकन मिला था. उम्मीद, दोस्ती और विपरीत परिस्थितियों में हार न मानने के संदेश के कारण यह फिल्म आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय है जितनी रिलीज के समय थी.
हालांकि, द शॉशैंक रिडेम्प्शन में एंडी डुफ्रेन लंबे समय के बाद जेल तोड़कर भागा था, लेकिन एंड्रयू माल्किंसन को लंबे समय बाद कोर्ट से रिहाई मिली. लेकिन संघर्ष के मायने में दोनों लड़ाई बराबर की ही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










