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'ड्रैगन' के खतरनाक मंसूबों को रूस में बेनकाब करेंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर, एससीओ बैठक में होगी बात

By Prabhat khabar Digital
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एस. जयशंकर
एस. जयशंकर
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विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिये रूस पहुंच चुके हैं. इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के मुलाकात की संभावना है. माना जा रहा है कि एस. जयशंकर अपने समकक्ष के सामने ये तर्क मजबूती से रखेंगे कि आखिर सीमा पर शांति के लिए जरूरी पहल से चीन क्यों मुंह मोड़ रहा है. चीन की ओर से बार बार उकसाने की कोशिश क्यों हो रही है?

गलवान घाटी झड़प के बाद से अब तक विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, दो विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत, भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श के अलावा कमांडर स्तर की कई दौर की बातचीत हुई है. लेकिन, हर बातचीत के बाद चीन का रवैया वादे से उलट होता है. जयशंकर चीन के इस चाल को पूरी दुनिया के सामने लाएंगे.

विदेश मंत्री का यह दौरा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रूस की राजधानी की यात्रा करने के महज कुछ ही दिनों बाद हो रहा है. राजनाथ, आठ सदस्यीय एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिये यहां आये थे. एससीओ के सदस्य देशों में, भारत और चीन भी शामिल हैं. जयशंकर मास्को में ठहरने के दौरान एससीओ के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की बैठक में शामिल होंगे.

यह परिषद की तीसरी बैठक होगी जिसमें भारत पूर्ण सदस्य के तौर पर सम्मिलित होगा. एससीओ बैठक से अलग विदेश मंत्री के अपनी चीनी समकक्ष वांग यी के साथ गुरवार को द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है.

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर पर तनाव बढ़ने के बीच उनकी बैठक होने की संभावना है. बीते शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष जनरल वेई फेंगही के साथ यहां दो घंटे से अधिक समय तक बैठक की थी. मई के प्रारंभ में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव पैदा होने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह सर्वोच्च स्तर का संपर्क था.

रूस जाने के दौरान तेहरान में रूके विदेश मंत्री

रूस जाने के दौरान जयशंकर मंगलवार को तेहरान में रूके और अपने ईरानी समकक्ष जवाद जरीफ के साथ वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय घटनाक्रमों के विभिन्न पहलू शामिल थे. तब ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को उनके सभी संदर्भों में मजबूत बनाने पर जोर दिया. जानकारी मिली है कि दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात में चाहबहार बंदरगाह परियोजना और खाड़ी क्षेत्र के हालात पर चर्चा हुई.

Posted By: Utpal kant

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