Russia Ukraine War: पुतिन की नजर यूक्रेन के 'दिल' डोनबास पर, क्या है इस क्षेत्र की खासियत?
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Aug 2025 10:10 PM
Volodymyr Zelenskyy and Vladimir Putin
Russia Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के बाद अब दुनिया की नजर ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच होने वाली बैठक पर है. ट्रंप रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए पहल कर रहे हैं. इसके पीछे उनका निजी स्वार्थ (शांति का नोबेल पुरस्कार) छिपा है. बहरहाल पुतिन, यूक्रेन के साथ शांति स्थापित करने के लिए राजी हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने बड़ी शर्त रख दी है. पुतिन की नजर यूक्रेन के दिल यानी डोनबास पर है. लेकिन यूक्रेन इसके लिए राजी नहीं है. तो आइये जानते हैं डोनबास में ऐसी क्या खास बात है कि दोनों देशों इसके लिए लड़ने-मरने के लिए आतुर हैं.
Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली बैठक से पहले कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन सीजफायर समझौते के तहत डोनेत्स्क क्षेत्र के उस बचे हुए 30 प्रतिशत हिस्से से भी पीछे हट जाए, जिस पर अभी यूक्रेन का नियंत्रण है. जेलेंस्की ने दोहराया कि यूक्रेन अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेगा क्योंकि यह असंवैधानिक है और इससे भविष्य में रूस को फिर से हमला करने में मदद मिल सकती है.
क्यों खास है डोनबास?
डोनेत्स्क बेसिन को ही डोनबास के नाम से जाना जाता है. यह यूक्रेन का पूर्वी क्षेत्र है. यहां फिलहाल कीव का कब्जा है. डोनेत्स्क का शेष 9,000 वर्ग किलोमीटर (3,500 वर्ग मील) क्षेत्र पर रूस की नजर है. दोनों देशों के बीच खासकर इस क्षेत्र पर कब्जे को लेकर कड़ी लड़ाई जारी है. डोनबास यूक्रेन का दिल है. यह इंडस्ट्रियल हब है. यहां कोयले का विशाल भंडार है. जिसे डोनेत्स्क कोयला बेसिन कहा जाता है. कोयले की खदानें यूक्रेन की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है. इसके अलावा यहां स्टील, धातु, रसायन और मशीनरी उद्योग विकसित हैं. कोयला के अलावा यहां प्राकृतिक गैस और खन्य खनिज संसाधन भी मौजूद हैं.
डोनबास पर क्यों है पुतिन की नजर?
यूक्रेन के पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र के लिए बहुत अहम माना जाता है. पुतिन लंबे समय से इस पर कब्जा करना चाहते हैं. यह क्षेत्र यूक्रेन और रूस के सीमा पर है. इसलिए यहां यूक्रेन और रूसी दोनों संस्कृति पाई जाती है. डोनबास में एक बड़ी आबादी रूसी भाषा बोलती है. रूसी संस्कृति को भी मानते हैं. डोनबास में रूस समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेन सेना के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र भी रहा है. पीपुल्स रिपब्लिक संगठन रूस के समर्थन में है. डोनबास को रूस अगर अपने कब्जे में करने में कामयाब होता है, तो ऊर्जा के क्षेत्र में उसकी ताकत और बढ़ जाएगी. इसके अलावा इससे यूक्रेन और कमजोर हो जाएगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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