2 महीने में तेल के लिए मांगोगे भीख, पुतिन के दूत ने यूरोप के इस देश के पीएम को दिया करारा जवाब

Published by :Govind Jee
Published at :25 Apr 2026 8:06 AM (IST)
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Putin envoy warns poland pm europe energy crisis

पुतिन के दूत का पोलैंड के पीएम को करारा जवाब.

Putin Envoy Warns Poland PM: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जताई कि इस बार यूरोपीय परिषद की बैठक में उन्हें रूसियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. पोलैंड और रूस के पुराने झगड़ों को देखते हुए टस्क का यह बयान हैरान करने वाला नहीं था, लेकिन रूस ने इसका बहुत ही करारा जवाब दिया है.

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Putin Envoy Warns Poland PM: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास दूत और निवेश कोष (RDIF) के सीईओ किरिल दिमित्रीव ने कहा कि सिर्फ 2 महीने रुकिए, आप खुद ऊर्जा की भीख मांगने रूस आएंगे. उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अपनी फ्लाइट के लिए थोड़ा फ्यूल बचाकर रखिएगा.

यूरोप में हवाई फ्यूल का बड़ा संकट

दिमित्रीव की यह बात सिर्फ एक धमकी नहीं है, बल्कि यूरोप इस वक्त सच में जेट फ्यूल (एटीएफ) की भारी किल्लत से जूझ रहा है. ईरान ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद कर दिया है, जिसकी वजह से खाड़ी देशों से आने वाली सप्लाई रुक गई है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप अपनी जरूरत का करीब 75% जेट फ्यूल मिडिल ईस्ट से मंगाता है. किसी भी दूसरे फ्यूल के मुकाबले यूरोप जेट फ्यूल के लिए बाहरी देशों पर सबसे ज्यादा निर्भर है.

रिपोर्ट में दी गई चेतावनी

यह संकट ऐसे समय पर आया है जब यूरोप में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और लोग सबसे ज्यादा हवाई सफर करते हैं. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने अपनी मासिक रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी है कि जून तक यूरोप में जेट फ्यूल पूरी तरह खत्म हो सकता है. हालात इतने खराब हैं कि यूरोपीय संघ (EU) अब राष्ट्रीय भंडार बनाने और उसे जरूरत के हिसाब से देशों में बांटने पर विचार कर रहा है. जर्मनी की लुफ्थांसा एयरलाइंस ने तो पहले ही गर्मियों की अपनी 20,000 उड़ानें रद्द कर दी हैं.

रूस से रिश्ता तोड़ना पड़ा भारी

यूरोप के पास रूस के रूप में एक बड़ा विकल्प मौजूद था. रूस के पास बहुत ज्यादा रिफाइनिंग क्षमता है और वह आसानी से जेट फ्यूल दे सकता है. यूक्रेन युद्ध से पहले रूस से यूरोप को भारी मात्रा में फ्यूल मिलता था, लेकिन युद्ध के कारण लगाए गए प्रतिबंधों ने इस रास्ते को बंद कर दिया. यूरोप ने यूक्रेन का साथ देने के लिए रूस को अलग-थलग कर दिया, लेकिन अब यही फैसला उस पर भारी पड़ रहा है. मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे तनाव ने यूरोप की मुश्किल और बढ़ा दी है.

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झुकने को मजबूर हो सकता है यूरोप

जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा है कि ईरान का संघर्ष ‘हमारा युद्ध’ नहीं है, फिर भी यूरोप इसका खामियाजा भुगत रहा है. यूरोप ने खुद ही अपने बैकअप विकल्पों को खत्म कर दिया है. अब जैसे-जैसे गर्मियों का सीजन पास आ रहा है, विमानों के फ्यूल टैंक खाली हो रहे हैं. ऐसे में मुमकिन है कि डोनाल्ड टस्क और उनके साथी देशों को अपनी पुरानी बातों को भूलकर फ्यूल के लिए दोबारा मॉस्को (रूस) से संपर्क करना पड़े. अगर यूरोप को अपनी उड़ानें जारी रखनी हैं, तो उसे रूस की तरफ रुख करना ही होगा.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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