कुंवारे और कुंवारियों की डेटिंग के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च, जानिए जीवन साथी का कैसे करेंगे तलाश
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Jul 2021 9:05 PM
आखिर यह कौन सा देश है, जहां पर लड़कियों द्वारा किशोरों की तलाश और किशोरों द्वारा लड़कियों की तलाश करने के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है?
तेहरान : उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल में योगी सरकार ने प्रदेश की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए भले ही मसौदा तैयार कर लिया हो, लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहां की महिला-पुरुष एक अदद जीवन साथी पाने के लिए लालायित रहते हैं. दुनिया के दूसरे देशों की बात क्यों करें, अपने ही देश में कई ऐसे राज्य हैं, जहां के हजारों नौजवानों को लिंग असमानता की वजह से कुंआरा ही रह जाना पड़ता है. खैर, फिर भी दुनिया का एक ऐसा देश है, जहां वैवाहिक कार्यक्रम को पूरा करने के लिए कुंआरे किशोरों और कुंआरी किशोरियों की तलाश करने के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है.
अब आप यह जानने के लिए भी बेताब होंगे कि आखिर यह कौन सा देश है, जहां पर लड़कियों द्वारा किशोरों की तलाश और किशोरों द्वारा लड़कियों की तलाश करने के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है? …तो जनाब और जनाबेआली, यह देश कोई और नहीं, बल्कि ईरान है. इस देश में तलाक के बढ़ते मामलों और बच्चों की जन्मदर में कमी से चिंतित सरकार ने वैवाहिक बंधन को मजबूती प्रदान करने के लिए डेटिंग ऐप लॉन्च किया है.
अब तो आपकी भी उत्सुकता बढ़ रही होगी कि इसका नाम क्या है? ईरान ने इसका नाम हमदान रखा है. फ़ारसी भाषा के अनुसार, इस शब्द का अर्थ है साथी. इस ऐप को बनाने वाले इस्लामिक प्रोपेगेंडा ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े हुए हैं. दावा किया गया है कि ये ऐप आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए उन कुंवारे लोगों की जोड़ियों को मिलाएगा, जो स्थायी विवाह और सिर्फ एक पत्नी चाहते हैं.
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ईरान में डेटिंग ऐप्स लोकप्रिय हैं, लेकिन अब केवल हमदान ऐप ही क़ानूनी रूप से मान्य होगा. इसका कारण यह है कि ईरान का कानूनन विवाह के दायरे से बाहर आपसी सहमति से यौन संबंध को अपराध मानता है. हमदान वेबसाइट के अनुसार, इस ऐप का इस्तेमाल करने वालों को अपनी पहचान की पुष्टि करना होगा और ऐप पर पार्टनर की तलाश शुरू करने से पहले मनोवैज्ञानिक परीक्षण से भी गुजरना होगा. मेल होने होने के बाद ये ऐप सलाहकारों की मौजूदगी में दोनों परिवारों को मिलाएगा और यही सलाहकार विवाह के चार साल बाद जोड़े से दोबारा मिलेंगे.
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