अमेरिकी रक्षा मंत्री का तंज- 'ईरान के मुल्ला डरे हुए', बाइबिल पढ़ बोले- ईश्वर ने मेरे हाथ जंग के लिए चुने

तस्वीर में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटे हेगसेथ.
Pete Hegseth: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटे हेगसेथ इन दिनों काफी चर्चा में हैं. जब से उन्होंने पद संभाला है, वो पेंटागन (अमेरिकी सेना का हेडक्वार्टर) में अपने खास अंदाज वाली ईसाई विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं. हेगसेथ वहां हर महीने 'वर्शिप सर्विस' यानी पूजा-पाठ का आयोजन कर रहे हैं और सरकारी मैसेज में बाइबिल की बातें जोड़ रहे हैं.
Pete Hegseth: अब जब अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग चल रही है, तो उनके इन धार्मिक बयानों पर सवाल उठने लगे हैं. जानकारों का कहना है कि सेना को धर्म से दूर रखना चाहिए, लेकिन हेगसेथ का मानना है कि जंग के समय धर्म सैनिकों को ताकत देता है.
ईरान के नेताओं को बताया ‘मजहबी कट्टरपंथी’
हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने ईरान के धार्मिक नेताओं (मुल्लाओं) पर तंज कसते हुए कहा कि वे डरे हुए हैं और छटपटा रहे हैं. उन्होंने बाइबिल का एक हिस्सा (साम 144) पढ़ते हुए कहा कि ईश्वर धन्य है, जो मेरे हाथों को युद्ध और उंगलियों को लड़ाई के लिए तैयार करता है. एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि हम उन कट्टरपंथियों से लड़ रहे हैं जो दुनिया को खत्म करने के लिए परमाणु हथियार चाहते हैं. उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे भगवान पर भरोसा रखें.
क्रूसेडर्स और टैटू पर छिड़ी नई बहस
हेगसेथ की पुरानी बातों और उनके शरीर पर बने टैटू भी अब चर्चा का विषय हैं. उन्होंने अपनी 2020 की किताब ‘अमेरिकन क्रूसेड’ में लिखा था कि जो लोग पश्चिमी सभ्यता का आनंद ले रहे हैं, उन्हें पुराने ईसाई योद्धाओं (क्रूसेडर्स) का शुक्रिया अदा करना चाहिए. उनके शरीर पर ‘यरूशलेम क्रॉस’ और ‘Deus Vult’ (ईश्वर की यही इच्छा है) जैसे टैटू हैं. ये वही नारे हैं जो पुराने जमाने में ईसाई योद्धा यरूशलेम की लड़ाई के वक्त लगाते थे. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के मैथ्यू डी. टेलर का कहना है कि हेगसेथ की ऐसी बातें ईरान के गुस्से को और बढ़ा सकती हैं.
क्या सैनिकों को सुनाई जा रही है कयामत की कहानी?
सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि अमेरिकी कमांडर अपने सैनिकों को बता रहे हैं कि ईरान की जंग बाइबिल में लिखी दुनिया खत्म होने (आर्मागेडन) की भविष्यवाणी का हिस्सा है. मिलिट्री रिलीजियस फ्रीडम फाउंडेशन के मिकी वाइनस्टीन ने दावा किया कि उन्हें सैकड़ों सैनिकों ने इसकी शिकायत की है. हालांकि, ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ इन दावों की पुष्टि नहीं कर पाया है. एंटी-डिफेमेशन लीग और कई अन्य बड़े ग्रुप्स ने भी कहा कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है. वहीं, कुछ पादरी जैसे जॉन हैगी इसे भविष्यवाणी का हिस्सा मान रहे हैं, तो कुछ इसे गलत बताते हैं.
सेना के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी
हेगसेथ सिर्फ बातों तक सीमित नहीं हैं, वो सेना की नीतियों में भी बड़े बदलाव कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में ट्रांसजेंडर लोगों के सेना में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है और डाइवर्सिटी से जुड़े प्रोग्राम कम किए जा रहे हैं. वो सेना के पादरियों (Chaplain Corps) के काम करने के तरीके को भी बदलना चाहते हैं. उनका कहना है कि पुराने पादरियों की भूमिका को सेक्युलरिज्म के नाम पर कम कर दिया गया था. उन्होंने अपनी चर्च के पादरी डग विल्सन को भी पेंटागन में बोलने के लिए बुलाया था, जो अपनी कट्टर सोच के लिए जाने जाते हैं.
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विरोध में उठने लगीं आवाजें
इन बदलावों से कई लोग परेशान हैं. एक्सपर्ट यूसुफ चौहुद का कहना है कि सिर्फ बातें ही नहीं, बल्कि नीतियों में भी खास धार्मिक रंग देना चिंता की बात है. रिटायर्ड कर्नल और रब्बी लॉरेंस बेजर ने कहा कि अमेरिकी सेना में हर धर्म के लोग हैं और यह विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. जैसे-जैसे ईरान के साथ जंग बढ़ रही है, हेगसेथ की विचारधारा और अमेरिकी सेना की साख को लेकर बहस और तेज होती जा रही है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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