भारत के नक्शेकदम पर पाकिस्तान : YouTubers और TikTokers की नेशनल असेंबली परिसर में नो एंट्री
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 14 Jan 2023 8:26 PM
वर्ष 2022 के अप्रैल में कराची पुलिस ने न्यू कराची औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की वर्दी में फर्जी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास नकली रोजगार कार्ड था. पुलिस ने जांच में पाया कि ये सभी लोग टिकटॉकर्स थे और सोशल मीडिया के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए पुलिस की वर्दी में घूम रहे थे.
इस्लामाबाद : भारत के नक्शेकदम पर चलते हुए पाकिस्तान ने भी यूट्यूबर्स, टिकटॉकर्स और सोशल मीडिया के चहेतों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है. पाकिस्तान के नेशनल असेंबली सचिवालय ने संसद परिसर में यूट्यूबर्स, टिकटॉकर्स और सोशल मीडिया के चहेतों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. एआरवाई न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 23 दिसंबर को संसद भव के गेट नंबर एक पर कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया चलाने वालों के द्वारा अनधिकृत तरीके से सांसदों के साथ दुर्व्यहार की घटना के बाद यह फैसला किया गया है. इसके अलावा, पाकिस्तान के नेशनल असेंबली सचिवालय ने संबंधित मीडिया संगठन के वैलिड रजिस्ट्रेशन कार्ड के साथ मान्यता प्राप्त मीडिया संगठनों से जुड़े पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के प्रवेश की अनुमति दी है. बताते चलें कि अभी हाल ही में भारत की मोदी सरकार ने फेक न्यूज फैलाने वाले छह यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध लगाया है.
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में नेशनल असेंबली की कार्यवाही को कवर करने की इच्छा रखने वाले यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया यूजर्स को पीआई की मान्यता लेना आवश्यक कर दिया है. इसके साथ ही, संसद भवन में प्रवेश के लिए उनके पास वैलिड कार्ड होना बेहद जरूरी है.
पाकिस्तान में अंग्रेजी के प्रमुख अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रेस रिपोर्टर्स एसोसिएशन को पिछले एक दिसंबर की घटना के बारे में सूचित किया गया था. हालांकि, प्रेस रिपोर्टर्स एसोसिएशन ने यूट्यबर्स और सोशल मीडिया यूजर्स को खुद से दूर कर लिया और जोर देकर कहा कि वे केवल इसके सदस्यों के लिए जिम्मेदार हैं. प्रेस रिपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आसिफ बशीर चौधरी ने कहा कि वे नागरिक पत्रकारों पर किसी भी तरह के प्रतिबंध का समर्थन नहीं करते. चौधरी ने जोर देकर कहा कि पीआरए का मानना है कि पाकिस्तान के प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता का अधिकार है, न कि केवल पत्रकारों को.
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एआरवाई न्यूज के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने रिपोर्ट दी है कि इससे पहले वर्ष 2022 के अप्रैल में कराची पुलिस ने न्यू कराची औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की वर्दी में फर्जी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास नकली रोजगार कार्ड था. पुलिस ने जांच में पाया कि ये सभी लोग टिकटॉकर्स थे और सोशल मीडिया के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए पुलिस की वर्दी में घूम रहे थे. मजे की बात यह भी है कि आरोपी अपनी मोटरसाइकिल पर सिंध पुलिस की नंबर प्लेट भी लगा रखी थी और उनके पास फर्जी पुलिस कार्ड भी थे.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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