आर्थिक संकट से पाकिस्तान परेशान, पूर्व सैनिकों के पेंशन में की कटौती

Shehbaz Sharif Prime Minister of Pakistan
Pakistan: पाकिस्तान सरकार का कहना है कि पेंशन प्रणाली में यह बदलाव बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है.
Pakistan: पाकिस्तान सरकार ने पेंशन खर्च में कटौती के लिए रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और सैन्य कर्मियों के पेंशन लाभों में बड़े बदलाव किए हैं. नई अधिसूचनाओं के अनुसार, अब एक से अधिक पेंशन के हकदार व्यक्तियों को केवल एक पेंशन चुनने का विकल्प मिलेगा. इसके अलावा, नए पेंशनभोगियों की पेंशन अंतिम वेतन के बजाय पिछले दो वर्षों के औसत वेतन के आधार पर तय की जाएगी.
यह बदलाव 1 जनवरी 2025 से लागू हो गया है और यह नागरिक व सैन्य दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों पर लागू होगा. हालांकि, मौजूदा पेंशनभोगी, जिन्हें कई पेंशन मिल रही हैं, वे भी इस बदलाव से प्रभावित होंगे. यह निर्णय वेतन और पेंशन आयोग 2020 की सिफारिशों पर आधारित है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के समय गठित किया गया था.
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में पेंशन के लिए 1.014 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें से 66% सैन्य पेंशन के लिए है. पेंशन बिल में पिछले साल की तुलना में 24% की वृद्धि हुई है.
इसके अलावा, सरकार ने 1 जुलाई 2024 से नए कर्मचारियों के लिए पारंपरिक पेंशन योजना को समाप्त कर दिया है. अब यह योजना 1 जुलाई 2025 से रक्षा बलों के कर्मचारियों पर भी लागू होगी. नए नियमों के तहत अंशदायी पेंशन योजना लागू की जाएगी, जिसमें पेंशन का भुगतान कर्मियों द्वारा वेतन से किए गए योगदान के आधार पर होगा. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि पेंशन प्रणाली में यह बदलाव बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है, क्योंकि ऋण चुकाने और रक्षा खर्च के बाद पेंशन का बजट सबसे बड़ा व्यय है.
इसे भी पढ़ें: इजरायल में रेड अलर्ट! रात को तेल अवीव और दूसरे शहरों में क्यों बजा सायरन?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Aman Kumar Pandey
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










