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पाकिस्तान में पहली बार हिंदू लड़की बनी असिस्टेंट कमिश्नर, सीएसएस परीक्षा पास करके बोलीं सना- बचपन से ही सफलता की आदी हूं

Updated at : 09 May 2021 8:21 AM (IST)
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पाकिस्तान में पहली बार हिंदू लड़की बनी असिस्टेंट कमिश्नर, सीएसएस परीक्षा पास करके बोलीं सना- बचपन से ही सफलता की आदी हूं

Pakistan first assistant commissioner from hindu community : पाकिस्तान में पहली बार एक हिंदू महिला ने देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (सीएसएस) परीक्षा पास की है और विशिष्ट पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (पीएएस) के लिए चयनित हुई है. उनका नाम सना रामचंद (Sana Ramachand) है.

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  • पाक में पहली बार हिंदू लड़की पीएएस में चुनी गयी

  • भारत में आइएएस की तर्ज पर है पाकिस्तान में पीएएस

  • सना रामचंद एक डॉक्टर हैं, एफसीपीएस की कर रहीं पढ़ाई

Pakistan first assistant commissioner from hindu community : पाकिस्तान में पहली बार एक हिंदू महिला ने देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (सीएसएस) परीक्षा पास की है और विशिष्ट पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (पीएएस) के लिए चयनित हुई है. उनका नाम सना रामचंद (Sana Ramachand) है.

वह सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले के ग्रामीण इलाके की रहनेवाली हैं. सना रामचंद पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं. डॉ सना रामचंद ने सिंध प्रांत के चंदका मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है. हाल ही में उन्होंने सिविल अस्पताल कराची में प्रैक्टिस पूरी की हैं. फिलहाल, वह सिंध इंस्टीट्यूट ऑफ यूरोलॉजी एंड ट्रांसपेरेंट से एफसीपीएस की पढ़ाई कर रही हैं और जल्द ही एक योग्य सर्जन बन जायेंगी.

डॉ सना सीएसएस की परीक्षा पास करनेवाले 221 अभ्यर्थियों में शामिल हैं. 18,553 परीक्षार्थियों ने यह लिखित परीक्षा दी थी. विस्तृत चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और मौखिक परीक्षा के बाद अंतिम चयन किया गया. मेधा सूची निर्धारित होने के बाद अंतिम चरण में समूह आवंटित किये गये और उनका चयन पीएएस के लिए हुआ है. पीएएस श्रेणी हासिल करनेवालों को सहायक आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया जाता है और बाद में प्रोन्नत होकर वे जिला आयुक्त बनते हैं, जो जिलों का नियंत्रण करनेवाला शक्तिशाली प्रशासक होता है. पीएएस शीर्ष श्रेणी है. इसके बाद अक्सर पाकिस्तान पुलिस सेवा और पाकिस्तान विदेश सेवा तथा अन्य आते हैं.

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डॉ सना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह बचपन से ही सफलता की आदी हैं. वह हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रही हैं. एफसीपीएस परीक्षा में भी वह अव्वल रही थीं. उन्हें भरोसा था कि वह सीएसएस परीक्षा पास कर लेंगी.

सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया : सीएसएस का रिजल्ट आने के बाद डॉ सना रामचंद ने ट्वीट किया, ‘वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह.’ इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अल्लाह के फजल से मैंने सीएसएस-2020 की परीक्षा पास कर ली है और पीएएस के लिए मेरा चयन हो गया है. इसका पूरा श्रेय मेरे माता-पिता को जाता है.’ इधर, डॉ सना की उपलब्धि पर पाकिस्तान के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा, ‘बधाई डॉ सना रामचंद. आपने पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के साथ ही पूरे देश को गौरवान्वित किया.’

परीक्षा में शीर्ष स्थान पानेवाली भी महिला: हालिया सीएसएस परीक्षा में दो प्रतिशत से भी कम परीक्षार्थी पास हुए हैं. यह परीक्षा संघीय लोक सेवा आयोग लेता है. अंतिम सूची में 79 महिलाएं शामिल हैं और उन्हें पीएएस समेत विभिन्न समूह मिले हैं. परीक्षा में शीर्ष स्थान पानेवाली भी एक महिला है. उनका नाम माहीन हसन हैं. उन्हें भी पीएएस मिला है.

Posted By : Amitabh Kumar

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