पाकिस्तान चुनाव में धांधली? रैली में गोलीबारी के दौरान दो घायल, नवाज शरीफ की बेटी की जीत को किया गया चैलेंज

Gohar Khan, center, chairman of Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) speaks during a press conference in Islamabad, Pakistan, Saturday, Feb. 10, 2024. On Saturday, PTI chairman Gohar Khan accused authorities of rigging the vote but said despite that, his party would still form the government. He assured supporters that Khan would be among them soon after being freed, though he did not say how Khan would come out of prison. AP/PTI(AP02_10_2024_000295B)
ईसीपी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पीटीआई का चुनाव चिन्ह ‘बल्ला’ रद्द कर दिया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में पीटीआई के उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था. शरीफ (74) ने एनए-130 से पीटीआई की उम्मीदवार डॉ यास्मीन राशिद के खिलाफ जीत हासिल की है.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में चुनाव के दौरान हुई कथित धांधली के खिलाफ निकाली जा रही रैली पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग में पूर्व सांसद मोहसिन डावर और उनके समर्थक घायल हो गये. अफगानिस्तान की सीमा से सटे उत्तरी वजीरिस्तान जिले में चुनाव नतीजों की घोषणा में देरी के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य एवं ‘नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ (एनडीएम) के अध्यक्ष डावर और अन्य लोग घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोलीबारी की और आंसू गैस के गोले भी दागे.
नवाज शरीफ और उनकी बेटी की जीत को तकनीकी आधार पर चुनौती दी गई
पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ और उनकी बेटी के नेशनल असेंबली चुनाव में जीत हासिल करने को शनिवार को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया कि निर्वाचन आयोग ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया. लाहौर की सीटों से नवाज और उनकी बेटी मरियम नवाज की जीत को चुनौती देते हुए, हार का सामना करने वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित उम्मीदवार डॉ यास्मीन राशिद ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने फॉर्म 45 के बजाय फर्जी फॉर्म 47 के अनुसार उन्हें विजेता घोषित किया.
शरीफ की बेटी मरियम नवाज 83,000 से अधिक वोट लाकर दर्ज की जीत
फॉर्म 45 को आमतौर पर ‘गणना का परिणाम’ फॉर्म कहा जाता है. यह पाकिस्तानी चुनावी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है, जिसका उद्देश्य किसी विशेष मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया के परिणामों का दस्तावेजीकरण और खुलासा करके पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखना है. ईसीपी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पीटीआई का चुनाव चिन्ह ‘बल्ला’ रद्द कर दिया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में पीटीआई के उम्मीदवारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था. शरीफ (74) ने एनए-130 से पीटीआई की उम्मीदवार डॉ यास्मीन राशिद के खिलाफ जीत हासिल की है. शरीफ को 1,72,000 से अधिक वोट मिले, जबकि राशिद को 113,000 से अधिक मत मिले. शरीफ की 50 वर्षीय बेटी मरियम नवाज ने एनए-119 सीट पर पीटीआई के फारूक शहजाद के खिलाफ 83,000 से अधिक वोट पाकर जीत हासिल की. शहजाद को 68,000 से अधिक वोट मिले.
मलाला यूसुफजई बोलीं- पाकिस्तान को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता
लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वालों में से एक यास्मीन ने कहा कि उन्होंने फॉर्म-45 के अनुसार शरीफ के खिलाफ जीत हासिल की थी, हालांकि, ईसीपी ने फॉर्म-47 जारी कर पीएमएल-एन प्रमुख को विजेता घोषित कर दिया. इसी तरह, शहजाद ने कहा कि मरियम मतदान केंद्र के नतीजों (फॉर्म-45) के अनुसार सीट हार गई थीं, लेकिन फर्जी फॉर्म-47 के जरिए उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया. इस बीच, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित पाकिस्तानी मलाला यूसुफजई ने कहा कि उनके देश को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता है. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, पाकिस्तान को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की जरूरत है, जिसमें मतगणना में पारदर्शिता और परिणामों का सम्मान शामिल है. मेरा आज भी विश्वास है, जैसा कि मेरा हमेशा से रहा है, कि हमें मतदाताओं के फैसले को शालीनता से स्वीकार करना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि हमारे निर्वाचित अधिकारी, चाहे सरकार में हों या विपक्षी दलों में, पाकिस्तान के लोगों के लिए लोकतंत्र और समृद्धि को प्राथमिकता देंगे.
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