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चीन को अमेरिका ने दी चेतावनी कहा- कानून का सम्मान करो, भारत हमारा बड़ा साझेदार

Updated at : 16 Jul 2020 8:19 AM (IST)
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चीन को अमेरिका ने दी चेतावनी कहा- कानून का सम्मान करो, भारत हमारा बड़ा साझेदार

india china tension ,america : अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन को सख्त चेतावनी दी है. भारत के साथ तनाव के बीच पोम्पिओ ने चीन से कहा है कि कानून का सम्मान करो.

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन को सख्त चेतावनी दी है. भारत के साथ तनाव के बीच पोम्पिओ ने चीन से कहा है कि कानून का सम्मान करो. उन्होंने कहा है कि अमेरिका का भारत बड़ा साझेदार है. चीन के साथ सीमा पर टकराव समेत कई मुद्दों पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी अक्सर बातचीत होती रहती है.

पोम्पिओ ने कहा कि भारत एक बड़ा साझेदार है. वे हमारे महत्वपूर्ण सहयोगी हैं. मेरे समकक्ष विदेश मंत्री के साथ मेरा बड़ा अच्छा संबंध है. विभिन्न मुद्दों पर हमारी अक्सर बातचीत होती है. चीन के साथ लगती सीमा पर टकराव के संबंध में भी हमारे बीच चर्चा हुई. चीनी दूरसंचार ढांचे से वहां पैदा होने वाले खतरे को लेकर भी हमारी बातचीत हुई.

पोम्पिओ ने कई सारे चीनी ऐप पर पाबंदी लगाने के भारत के फैसले का भी हवाला दिया. भारत ने पिछले महीने टिकटॉक और यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था.

भारत का चीन को स्पष्ट संदेश

भारतीय सेना ने करीब 15 घंटे तक चली बातचीत में चीनी सेना को यह ‘‘स्पष्ट संदेश” दिया है कि पूर्वी लद्दाख में आवश्यक तौर पर गतिरोध शुरू होने से पूर्व की स्थिति बहाल की जाए. इसके साथ ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति एवं स्थिरता को लेकर सहमति वाले सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों की थल सेनाओं के वरिष्ठ कमांडरों के बीच गहन एवं जटिल बातचीत बुधवार तड़के दो बजे तक चली. इसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को ‘‘लक्ष्मण रेखा” से भी अवगत कराया और कहा कि क्षेत्र में संपूर्ण स्थिति बेहतर करने की व्यापक रूप से जिम्मेदारी चीन पर है.

भारत-चीन वार्ता

सूत्रों ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की चौथे चरण की वार्ता एलएसी पर भारतीय सीमा के अंदर चुशूल में एक निर्धारित बैठक स्थल पर मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई थी. हालांकि, वार्ता के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जो लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर हैं. चीनी पक्ष का नेतृत्व मेजर जनरल लियु लिन ने किया, जो दक्षिण शिंजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर हैं.

भारत-चीन तनाव

आपको बता दें कि गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद तनाव गई गुना बढ़ गया. चीनी सैनिक भी इसमें हताहत हुए लेकिन चीन ने अभी तक इस बारे में विवरण सार्वजनिक नहीं किया है.

Posted By : Amitabh Kumar

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