इजराइल-लेबनान समझौते को नहीं मानेगा हिजबुल्लाह, कहा- दुश्मन के साथ कोई डील नहीं
Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 Apr 2026 6:57 PM
लेबनान में इजराइली हमले के बाद उठता धुआं, फोटो- पीटीआई
Lebanon Israel Peace Talk: अमेरिका में इजराइल और लेबनान के बीच आज (14 अप्रैल) को शांति वार्ता होने जा रही है. तीन दशकों से ज्यादा समय के बाद दोनों देश वार्ता के मेज पर बैठेंगे. लेकिन, बातचीत शुरु होने से पहले ही हिजबुल्लाह ने साफ कर दिया है वो किसी भी समझौते को नहीं मानेगा.
Lebanon Israel Peace Talk: हिज्बुल्लाह ने लेबनान और इजराइल के बीच अमेरिका में संभावित वार्ता से होने वाले किसी भी समझौते को मानने से इनकार कर दिया है. संगठन के वरिष्ठ नेता वाफिक सफा ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत और उसके परिणाम को मानने के लिए हिज्बुल्लाह बाध्य नहीं होगा. हिजबुल्लाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब तीन दशकों से ज्यादा समय के बाद लेबनान और इजराइल के राजदूत सीधे बातचीत के मेज पर बैठने जा रहे हैं. इजराइल और लेबनान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं. इस कारण अमेरिका में मौजूद लेबनान और इजराइल के राजदूत आज यानी मंगलवार (14 अप्रैल) को वाशिंगटन में आमने-सामने बैठक करने वाले हैं.
लेबनान कर रहा शांति की कोशिश, हिजबुल्लाह अटका रहा रोड़ा
लेबनानी अधिकारी इस वार्ता के जरिए इजराइल-हिज्बुल्ला संघर्ष में युद्धविराम कराने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हिजबुल्लाह राह में रोड़ा अटका रहा है. वाफिक सफा ने न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा- लेबनान और ‘दुश्मन’ इजराइल के बीच इस वार्ता के परिणामों की जहां तक बात है तो हम उनकी कतई परवाह नहीं करते और न ही हम इसे लेकर किसी तरह चिंतित हैं. उनके बीच जो भी समझौता हो, वह हम पर लागू नहीं होगा.
हिजबुल्लाह से समझौते के पक्ष में नहीं है इजराइल
इजराइल भी हिजबुल्लाह के साथ किसी भी तरह के समझौते के पक्ष में नहीं है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका लक्ष्य हिजबुल्लाह का निरस्त्रीकरण और लेबनान-इजराइल के बीच संभावित शांति समझौता है. इन दो शर्तों के साथ ही इजराइल लेबनान के साथ बातचीत के लिए राजी हुआ है. हालांकि, नेतन्याहू की प्रवक्ता शोश बेद्रोसियन इससे पहले सोमवार (13 अप्रैल) को कहा था कि हिजबुल्लाह के साथ कोई युद्धविराम नहीं होगा.
ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद भी इजराइल करता रहा हमला
पिछले सप्ताह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में ईरान ने अपने किसी भी संभावित युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका और इजराइल ने इसे खारिज कर दिया. यही नहीं तेहरान और वाशिंगटन के अस्थायी युद्धविराम (8 अप्रैल) की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजराइल ने लेबनान में 100 से अधिक हवाई हमले किये थे.
वार्ता से पहले लेबनान के एक गांव में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच झड़प
इजराइल और लेबनान के बीच वार्ता होने जा रही है. इसके लिए इजराइल ने लेबनान में अपने हमले धीमें किए है. बेरूत और उसके दक्षिणी उपनगरों पर इजराइली हमले रुके हुए हैं, लेकिन दक्षिणी लेबनान में भीषण संघर्ष जारी है. दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक शहर बिंत जुबैल में सोमवार (13 अप्रैल) को इजराइली सेना और हिजबुल्लाह के लड़ाकों में भीषण संघर्ष हुआ, इजराइली सैनिकों पर हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रॉकेट से हमला किया और तोप से गोले दागे. दोनों देशों को विभाजित करने वाली संयुक्त राष्ट्र की ओर से बनाई गई ‘ब्लू लाइन’ से करीब 3.2 किलोमीटर दूर स्थित इस पहाड़ी शहर में पिछले एक सप्ताह से झड़पें तेज हो गई हैं.
क्यों लेबनान पर हमला कर रहा इजराइल?
इजराइल और हिजबुल्लाह की लड़ाई पुरानी है. लेकिन, दोनों के बीच अभी जो लड़ाई छिड़ी हुई है वो हिजबुल्लाह के हमले के जवाब में है. ईरान के साथ जारी अमेरिका और इजराइल की लड़ाई के दौरान हिजबुल्लाह ने ईरान का समर्थन करते हुए उत्तरी इजराइल पर रॉकेटों से हमला किया था. इसके जवाब में इजराइल ने लेबनान स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमला शुरु कर दिया. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजराइली हमलों में 252 महिलाएं, 165 बच्चे और 87 चिकित्साकर्मी समेत कम से कम 2,055 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6,588 लोग घायल हुए हैं.
Also Read: ईरान ने 5 अरब देशों से मांगा हर्जाना, इजराइल-अमेरिकी हमले के लिए ठहराया जिम्मेदार
US Iran Talks : क्या फिर होगी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत?
अमेरिका ने होर्मुज में की नाकाबंदी, ट्रंप की चेतावनी- घेराबंदी तोड़ा तो उड़ा देंगे जहाज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










