491 दिनों तक बस खाने की भीख मांगी, इजराइली बंधक ने सुनाई कैसे हमास देता था दर्द

Published by : Neha Kumari Updated At : 21 Mar 2025 12:37 PM

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Eli Sharabi Israeli hostage

Israeli Hostage Eli Sharabi: हमास द्वारा बंधक बनाए गए एली शरबी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बात कर कैद में बिताए खौफनाक दिनों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि वहां मेरी नर्क से भी बदतर जिंदगी थी.

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Israeli Hostage Eli Sharabi: हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजराइल निवासी एली शरबी ने 20 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के साथ बातचीत की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने हमास के कैद में बिताए डरावने अनुभव को साझा किया. इजराइल के निवासी एली शरबी को पिछले वर्ष हमले के दौरान बंधक बनाया गया था. उन्हें इस साल 8 फरवरी के दिन हमास ने रिहा कर दिया.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बात करते हुए बताया कि कैद के दौरान उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा जाता था. उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की जाती थी. साथ ही उनके साथ जितने भी कैदी थे, उन्हें कई-कई दिनों तक कुछ खाने तक नहीं दिया जाता था. हालात इतने भयानक थे कि जब उनकी रिहाई हुई, तब उनका वजन घटकर बस 44 किलो ही रह गया था, जो उनकी छोटी बेटी, जिसे हमास द्वारा पिछले साल मार दिया गया, के वजन से भी कम था.

एली शरबी पूरे 491 दिन हमास के कैद में रहे हैं. हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले के समय उन्हें अन्य 250 लोगों के साथ बंधक बना लिया गया था. इस हमले में 1200 से अधिक लोग मारे गए. मारे गए लोगों में उनकी बेटी और पत्नी भी शामिल थे.

UNSC से क्या कहा एली शरबी ने ?

UNSC से बात करते हुए उन्होंने कहा- मैं अपने देश नर्क से लौटकर आया हूं. हमास में मुझे जानवरों की तरह बांधकर जमीन के नीचे रखा जाता था. वहां मुझे कई-कई दिनों तक भूखा रखा गया, मारा-पिटा गया. मैंने बस 491 दिनों तक खाने की भीख मांगी. हालात इतने बदतर थे कि मुझे शौचालय जाने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ता था. कैद के दौरान मेरी जिंदगी बस भीख मांगने में ही रह गई थी.

UNSC से गाजा में कैद 59 बंधकों को बचाने की अपील

एली शरबी ने भावुक होकर UNSC से कहा कि यदि आप सच में मानवता के साथ खड़े हैं तो गाजा में अभी भी 59 बंधक कैद हैं, उन्हें बचाइए. साथ ही उन्होंने UN और रेड क्रॉस पर भी बंधकों के बचाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा- संयुक्त राष्ट्र कहा था और रेड क्रॉस कहां था, जब बंधकों के साथ ऐसा हो रहा था.

इजराइल-गाजा युद्ध

मंगलवार को युद्धविराम समाप्त होने के बाद से इजराइल ने फिर से गाजा पर हमला करना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार से लेकर अब तक करीबन 592 फिलीस्तीनियों की जान इस हमले में जा चुकी है. इजराइल का कहना है कि जब तक हमास द्वारा कैद उनके नागरिकों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक यह परिस्थिती ऐसी ही रहने वाली है.

यह भी पढ़े: Israel and Gaza War: गाजा में इजराइल का कोहराम, 430 से अधिक लोगों की गई जान

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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