अमेरिका में इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक बातचीत, 1993 के बाद पहली बार सीधी मीटिंग

अमेरिका में इजरायल-लेबनान की ऐतिहासिक बातचीत की तस्वीर.
Israel-Lebanon Peace Talks: अमेरिका की मेजबानी में मंगलवार (15 अप्रैल) को इजरायल और लेबनान के बीच एक बेहद अहम बैठक हुई. 1993 के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बीच इतने बड़े लेवल पर बातचीत हुई है.
Israel-Lebanon Peace Talks: अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) के अनुसार, इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा सीजफायर, सुरक्षा सहयोग और शांति के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार करना था. इस बातचीत में दोनों देशों ने सीधे तौर पर चर्चा शुरू करने और शांति की ओर बढ़ने की इच्छा जताई है.
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
वॉशिंगटन में हुई इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, काउंसलर माइकल नीधम और लेबनान में अमेरिकी राजदूत लिसा ए. जॉनसन शामिल हुईं. इजरायल की तरफ से अमेरिका में उनके राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान की तरफ से उनकी राजदूत नदा हमदेह मोआवाद मौजूद रहीं. अमेरिका ने इसे एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है. साथ ही, अमेरिका ने लेबनान सरकार की उस योजना का समर्थन किया है जिसमें देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह सरकार का कंट्रोल हो और बाहरी हस्तक्षेप को खत्म किया जा सके.
JUST IN: 🇺🇸🇮🇱🇱🇧 US facilitates rare Israel-Lebanon talks in Washington, with Sec. Rubio overseeing discussions; Israel seeks Hezbollah disarmament, Lebanon pushes for ceasefire, citing constructive but unclear progress. pic.twitter.com/gLSteLT6wl
— BRICS Monitor (@BRICStracker) April 15, 2026
शांति और अर्थव्यवस्था पर फोकस
अमेरिकी बयान के अनुसार, किसी भी समझौते के लिए अमेरिका की मध्यस्थता जरूरी होगी. अमेरिका का मानना है कि इन वार्ताओं से लेबनान के पुनर्निर्माण और आर्थिक सुधार के रास्ते खुलेंगे. इससे दोनों देशों में निवेश के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं. वॉशिंगटन को उम्मीद है कि यह बातचीत 2024 के समझौते से आगे बढ़कर एक मुकम्मल शांति समझौते में बदल जाएगी. अमेरिका ने इस दौरान इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को भी सही ठहराया है.
इजरायल और लेबनान का अपना पक्ष
इजरायल ने साफ किया कि वह लेबनान में मौजूद सभी गैर-सरकारी हथियारबंद गुटों को खत्म करना और आतंकी बुनियादी ढांचे को हटाना चाहता है. इजरायली राजदूत येचिएल लीटर ने इसे ‘शानदार दो घंटे की बातचीत’ बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि इजरायल का सैन्य अभियान अभी नहीं रुकेगा. दूसरी ओर, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान की राजदूत नदा हमदेह मोआवाद ने तुरंत सीजफायर और बेघर हुए लोगों की घर वापसी की मांग की है. उन्होंने मानवीय संकट को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया.
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आगे क्या होगा?
द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, लेबनान की प्राथमिकता तुरंत युद्ध विराम है, जबकि इजरायल हिजबुल्लाह के निशस्त्रीकरण और शांति संधि पर फोकस कर रहा है. लेबनान की राजदूत ने बताया कि अगली मीटिंग की जानकारी जल्द दी जाएगी. इजरायली राजदूत लीटर ने संकेत दिया कि दोनों देश हिजबुल्लाह के मुद्दे पर एक ही तरफ हैं और भविष्य में दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की संभावना है. दोनों पक्ष अब इन प्रस्तावों को अपनी-अपनी सरकारों के सामने रखेंगे और आने वाले हफ्तों में फिर से वॉशिंगटन में मिल सकते हैं.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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