भारत-इंडोनेशिया की बढ़ी ताकत : ब्रह्मोस मिसाइल, UPI, सबांग पोर्ट और रक्षा सहयोग पर हुआ समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ( स्रोत- पीटीआई )
India-Indonesia Trade Agreement : भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी और व्यापार को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं.
India-Indonesia Trade Agreement : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी और व्यापार को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौते हुए. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि 2018 में बनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है.
इंडोनेशिया को मिलेगी ब्रह्मोस मिसाइल
भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग को विस्तार देते हुए ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति पर सहमति बनाई. माना जा रहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय मिसाइल प्रणाली की सफलता के बाद इंडोनेशिया ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि, मिसाइलों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके अलावा दोनों देशों ने रक्षा आदान-प्रदान, औद्योगिक सहयोग और आपदा प्रबंधन में भी साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई.
महत्वपूर्ण खनिज और स्टील सेक्टर में निवेश
भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला मजबूत करने के लिए नए निवेश पर सहमति बनाई है. भारत- इंडोनेशिया में इस्पात, गिलट और दुर्लभ स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करेगा. पीएम मोदी ने कहा कि तकनीकी आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाना आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है और दोनों देशों की कंपनियां स्टेनलेस स्टील व दुर्लभ चुंबकों के क्षेत्र में नई साझेदारी शुरू करेंगी.
UPI और सबांग पोर्ट पर बड़ा समझौता
भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जुड़ जाएगा. इससे व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा. वहीं, दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई, जो मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा.
वैश्विक मुद्दों पर भी बनी सहमति
पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संवाद और कूटनीति पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने फलस्तीन मुद्दे पर भारत के दो-राष्ट्र समाधान और स्थायी शांति के समर्थन को दोहराया. मोदी ने विश्वास जताया कि आज से भारत-इंडोनेशिया संबंधों का एक नया और सुनहरा अध्याय शुरू हो गया है.
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