इमरान खान से पहले भी पाक में गिरफ्तार हो चुके हैं कई पूर्व हुक्मरान, एक प्रधानमंत्री को तो मिली थी फांसी

Edited by Pritish Sahay
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Pakistan's former prime minister Imran Khan talks with reporters regarding the current political situation and the ongoing cases against him at his residence, in Lahore, Pakistan, Thursday, Aug. 3, 2023. Khan has been slapped with more than 150 legal cases, including several on charges of corruption, "terrorism" and inciting people to violence over deadly protests in May that saw his followers attack government and military property across the country. (AP/PTI) (AP08_03_2023_000448A)

इस्लामाबाद पुलिस ने पंजाब पुलिस की सहायता से इमरान खान को लाहौर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है. पाकिस्तान के इतिहास के पन्ने पलटे तो देश के इतिहास में निर्वाचित नेताओं के साथ किए गए व्यवहार के कई ऐसे उदाहरण है जब पूर्व हुक्मरानों को जेल जाना पड़ा हो.

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क्रिकेट के मैदान से राजनीति के अखाड़े में झंडे गाड़ने के बाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान अब अपनी रिहाई के दिन गिनेंगे. इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई है. इस्लामाबाद पुलिस ने पंजाब पुलिस की सहायता से इमरान खान को लाहौर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल इमरान खान जेल में हैं. बताया जा रहा हैं कि इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है. हालांकि उन्हें बाद में शिफ्ट भी किया जा सकता है. गौरतलब है कि इमरान खान खान जेल जाने वाले पहले पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नहीं हैं. पाकिस्तान के इतिहास के पन्ने पलटे तो देश के इतिहास में निर्वाचित नेताओं के साथ किए गए व्यवहार के कई ऐसे उदाहरण है जब पूर्व हुक्मरानों को जेल जाना पड़ा हो.

हुसैन शहीद सुहरावर्दी गये थे जेल
पाकिस्तान में सबसे पहले हुसैन शहीद सुहरावर्दी ऐसे नेता थे जिन्होंने प्रधानमंत्री का पद गंवाने के बाद काफी समय जेल में बिताए. हुसैन शहीद सुहरावर्दी तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के एक बंगाली राजनेता थे. जो पाकिस्तान के पांचवें प्रधानमंत्री के रूप में अपना योगदान भी दिया था. लेकिन सत्ता से हटने के बाद उन्हें 1962 में गिरफ्तार कर लिया गया और देश-विरोधी गतिविधियों के फर्जी आरोप में जेल में डाल दिया गया था.उन्हें सैन्य शासक जनरल अयूब खान का समर्थन करने से इनकार करने की सजा दी गई थी.

जुल्फिकार अली भुट्टो
पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो को भी जेल जाना पड़ा था. बता दें, जुल्फिकार अली भुट्टो अगस्त 1973 से जुलाई 1977 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे  थे. लेकिन उन्हें हत्या के साजिश रचने के एक मामले में जेल की सजा काटनी पड़ी थी. भुट्टो पर 1974 के दौरान एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगा था.  भुट्टो को इस मामले में 1977 में गिरफ्तार कर लिया गया था. इस मामले में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और चार अप्रैल 1979 को फांसी दे दी गई थी. हालांकि, गिरफ्तार किये जाने के बाद भुट्टो को लाहौर हाईकोर्ट ने पहले रिहा कर दिया था. वहीं रिहाई के तीन दिन बाद उन्हें मार्शल लॉ रेगुलेशन 12 के तहत दोबारा गिरफ्तार कर फांसी की सजा सुनाई गई थी.

बेनजीर भुट्टो
बेनजीर भुट्टो पाकिस्तान की न सिर्फ महिला प्रधानमंत्री थी, बल्कि देश की एक कद्दावर और ताकतवर नेता भी थीं. बेनजीर भुट्टो 1988 से 1990 तक और फिर 1993 से 1996 तक दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रहीं. देश की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री को कई बार गिरफ्तार भी किया गया था.  भुट्टो को पहली बार 1985 में और 90 दिनों के लिए घर में नजरबंद रखा गया था. अगस्त 1986 में, कराची में एक रैली में सैन्य तानाशाह जिया उल हक की निंदा करने के लिए बेनजीर भुट्टो को गिरफ्तार कर लिया गया था. अप्रैल 1999 में उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई और अयोग्य घोषित कर दिया गया. बेनजीर गिरफ्तारी से बच गईं क्योंकि वह निर्वासन में थीं. भुट्टो सात साल निर्वासन में रहीं. 2007 में जब वह वापस अपने देश पहुंची तो एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई.

शाहिद खाकन अब्बासी
पीएमएल-एन के शाहिद खाकन अब्बासी ने जनवरी 2017 मई से  2018 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था. जुलाई 2019 को करोड़ों रुपये के आयात अनुबंध का पुरस्कार देते समय कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में जेल जाना पड़ा था. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

नवाज शरीफ
पाकिस्तान के एक और पीएम रह चुके नवाज शरीफ को भी जेल की यात्रा करनी पड़ी थी. साल 1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ के सत्ता संभालने के बाद पूर्व पीएम नवाज शरीफ को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में वह 10 साल निर्वासन में रहे रहे हैं. जुलाई 2018 में नवाज को भ्रष्टाचार के एक मामले में उनकी बेटी मरियम नवाज के साथ 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. उसी वर्ष दिसंबर में, उन्हें अल-अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी. वह 2019 में इलाज के लिए लंदन गए और फिर स्वदेश नहीं लौटे.

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इमरान खान
अब इमरान खान जेल में हैं. इमरान खान ने 18 अगस्त 2018 से 10 अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में काम किया है. इमरान पर 140 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. फिलहाल उन्हें तोशाखाना मामले में तीन साल जेल की सजा मिली है. इसके अलावा उन्हें एक लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा.
भाषा इनपुट के साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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