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अफगानिस्तान में सिर्फ शरिया कानून चलेगा, लोकतंत्र का सवाल ही नहीं, कौंसिल के जरिये चलेगी सत्ता : तालिबान

Updated at : 18 Aug 2021 10:45 PM (IST)
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अफगानिस्तान में सिर्फ शरिया कानून चलेगा, लोकतंत्र का सवाल ही नहीं, कौंसिल के जरिये चलेगी सत्ता : तालिबान

तालिबान के एक नेता के हवाले से यह जानकारी दी है कि अफगानिस्तान को अब एक सत्तारूढ़ कौंसिल के द्वारा चलाया जायेगा. इस्लामी आतंकवादी आंदोलन के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा समग्र प्रभारी बने रहेंगे.

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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल की स्थिति बहुत ही भयावह हो गयी है. काबुल में अफरा-तफरी का माहौल है. सुरक्षा को लेकर आम नागरिक खौफ के साये में है और किसी तरह अफगानिस्तान छोड़ देना चाह रहा है. आज जलालाबाद में तालिबान ने फायरिंग भी कर दी जिसमें तीन व्यक्ति के मारे जाने की सूचना भी है. हालांकि मंगलवार को तालिबान ने कहा था कि हमने सबको माफ कर दिया और हर किसी के जानमाल की रक्षा होगी. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अफगानिस्तान में अब शासन कैसे चलेगा?

कौंसिल के जरिये चलेगा अफगानिस्तान का शासन

रायटर न्यूज एजेंसी ने तालिबान के एक नेता के हवाले से यह जानकारी दी है कि अफगानिस्तान को अब एक सत्तारूढ़ कौंसिल के द्वारा चलाया जायेगा. इस्लामी आतंकवादी आंदोलन के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा समग्र प्रभारी बने रहेंगे. अखुंदजादा संभवतः कौंसिल के प्रमुख के ऊपर एक भूमिका निभायेंगे, जो देश के राष्ट्रपति के समान होगा.


अफगानिस्तान में लोकतंत्र नहीं शरिया कानून चलेगा

तालिबानी नेता ने बताया कि तालिबान अफगानिस्तान को कैसे चलाएगा, इसके बारे में कई मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, लेकिन अफगानिस्तान में लोकतंत्र नहीं होगा यह तय है. उन्होंने कहा, कोई लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं होगी क्योंकि हमारे देश में इसका कोई आधार नहीं है. हम इस बात पर चर्चा नहीं करेंगे कि हमें अफगानिस्तान में किस प्रकार की राजनीतिक व्यवस्था लागू करनी चाहिए क्योंकि यह स्पष्ट है. अफगानिस्तान में सिर्फ शरिया कानून है और वही रहेगा.

अफगान सैनिकों से साधा जायेगा संपर्क

इसके अलावा तालिबान अपने रैंकों में शामिल होने के लिए अफगान सशस्त्र बलों के पूर्व पायलटों और सैनिकों को वापस बुलायेगा. हालांकि यह भर्ती कितनी सफल होती है, यह देखना बाकी है. पिछले 20 वर्षों में तालिबान विद्रोहियों द्वारा हजारों सैनिक मारे गये हैं, हाल ही में तालिबान ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित अफगान पायलटों को निशाना बनाया.

हैबतुल्लाह अखुंदजादा कौंसिल के प्रभारी होंगे

तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा के तीन प्रतिनिधि हैं मुल्ला उमर के बेटे मावलवी याकूब, शक्तिशाली आतंकवादी हक्कानी नेटवर्क के नेता सिराजुद्दीन हक्कानी और अब्दुल गनी बरादर, जो दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख हैं और समूह के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. हैबतुल्लाह अखुंदजादा कौंसिल के प्रमुख होंगे.

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Posted By : Rajneesh Anand

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