French Government in Crisis: फ्रांस में सरकार पर संकट, अविश्वास प्रस्ताव से बदल सकती है सियासी तस्वीर
Published by : Aman Kumar Pandey Updated At : 04 Dec 2024 9:29 AM
Emmanuel Macron
French Government in Crisis: जून-जुलाई में हुए संसदीय चुनावों के बाद फ्रांस की नेशनल असेंबली तीन प्रमुख धड़ों में बंट चुकी है, और किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है.
French Government in Crisis: फ्रांस की सरकार गंभीर संकट में है, क्योंकि विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर की कैबिनेट को गिराने की ठान ली है. बुधवार को संसद में एक अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा. यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो बार्नियर की सरकार फ्रांस के आधुनिक इतिहास में सबसे कम समय तक चलने वाली सरकार बन जाएगी. इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एक नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करनी होगी.
जून-जुलाई में हुए संसदीय चुनावों के बाद फ्रांस की नेशनल असेंबली तीन प्रमुख धड़ों में बंट चुकी है और किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. सितंबर में राष्ट्रपति मैक्रों ने बार्नियर को सरकार बनाने का मौका दिया था. हालांकि, विपक्षी दल अब सरकार को गिराने के लिए एकजुट हो गए हैं. दक्षिणपंथी नेता मारिन ले पेन ने कहा है कि उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. उन्होंने बार्नियर पर उनकी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. वामपंथी गठबंधन ने सरकार के बजट को कठोर बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है और सरकार पर संवाद और संसदीय प्रक्रियाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है.
इसे भी पढ़ें: संभल कैसे पहुंचेंगे राहुल-प्रियंका? यूपी सीमा पर रोकने की तैयारी में प्रशासन
अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए संसद में 288 वोटों की जरूरत है. वामपंथी और दूर-दराज के दलों के पास कुल मिलाकर 330 से अधिक वोट हैं, जिससे प्रस्ताव के पास होने की संभावना प्रबल हो गई है. हालांकि, कुछ सांसद मतदान से अनुपस्थित रह सकते हैं, जिससे परिणाम प्रभावित हो सकता है.
अगर सरकार गिरती है, तो यह पिछले 60 वर्षों में पहला मौका होगा जब फ्रांस में कोई अविश्वास प्रस्ताव सफल होगा. ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति मैक्रों मौजूदा मंत्रियों को अस्थायी तौर पर कामकाज संभालने के लिए कह सकते हैं और नए प्रधानमंत्री की तलाश शुरू करेंगे. फ्रांस के संविधान के अनुसार, नेशनल असेंबली को कम से कम एक वर्ष तक बरकरार रहना जरूरी है, इसलिए जल्द चुनाव की संभावना नहीं है.
फिलहाल, बार्नियर के उत्तराधिकारी के रूप में किसी खास नाम की घोषणा नहीं हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैक्रों अपने गठबंधन से किसी नेता को प्रधानमंत्री बना सकते हैं. वहीं, वामपंथी गठबंधन वामपंथी विचारधारा की कैबिनेट की मांग कर रहा है. कुछ विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति मैक्रों से इस्तीफे की मांग भी की है, लेकिन मैक्रों ने इसे खारिज कर दिया है.
इसे भी पढ़ें: भूकंप के झटके से हिला तेलंगाना
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Aman Kumar Pandey
अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










