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अफगानिस्तान में भूकंप से भारी तबाही, अब तक 1400 लोगों की मौत, मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

Updated at : 02 Sep 2025 5:47 PM (IST)
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Afghanistan Earthquake Updates

Afghanistan Earthquake Updates: भकंप से 1400 लोगों की मौत

Afghanistan Earthquake Updates: अफगानिस्तान में आए भूकंप ने तबाही मचा दी है. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गई. भूकंप के कारण जान-माल की बड़े पैमाने पर हानि हुई है. भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1400 पहुंच गई है. साढ़े 3 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए है.

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Afghanistan Earthquake Updates: अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही मच गई है. पूर्वी हिस्से में आए ताकतवर भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1400 हो गई है. 3,000 लोग घायल हुए हैं. भूकंप के बाद मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश में इलाके में बचाव दल का तलाशी अभियान में जुटे हैं. इससे पहले रविवार देर रात आए 6.0 तीव्रता के भूकंप से पूरे गांव में तबाही मच गई. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया “घायलों को निकाला जा रहा है, इसलिए ये आंकड़े बदल सकते हैं.”

6.0 तीव्रता के भूकंप से हिला अफगानिस्तान

रविवार की देर रात अफगानिस्तान के जलालाबाद शहर के पास कुनार प्रांत के कई शहरों में 6.0 तीव्रता के भूकंप से बड़े पैमाने पर तबाही मची है. कुनार के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक नूरगल के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि भूकंप से करीब पूरा गांव ही तबाह हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग, महिला पुरुष मलबे के नीचे दबे हैं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप मध्यरात्रि से ठीक पहले आया और भूकंप का केंद्र जलालाबाद से 27 किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तर पूर्व में आठ किलोमीटर की गहराई में था. कम गहराई वाले भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. भूकंप के बाद भी कई झटके महसूस किए गए.

भूकंप से हुई भारी तबाही

अफगानिस्तान में भूकंप से भारी तबाही हुई है. भूकंप से कई मकान ढह गए. हर तरफ चीख पुकार मच गई. पूर्वी अफगानिस्तान पर्वतीय क्षेत्र है और दूरदराज के क्षेत्रों में बस्तियां हैं. भूकंप के कारण संचार व्यवस्था बिगड़ गई है. सड़कें अवरुद्ध होने के कारण सहायता कर्मियों को जीवित बचे लोगों तक पहुंचने के लिए चार-पांच घंटे पैदल चलना पड़ रहा है. हालांकि बाद में सड़कों के अवरुद्ध को हटाया गया. अफगानिस्तान में इमारतें आमतौर पर कम ऊंचाई वाली होती हैं, जो ज्यादातर कंक्रीट और ईंटों से बनी होती हैं. ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कच्चे मकान होते हैं जो ईंटों और लकड़ी से बने होते हैं. कई मकानों की गुणवत्ता घटिया होती है. इस कारण भी भूकंप से ज्यादा तबाही मची है. (इनपुट भाषा)

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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