‘चीन उन्हें खा जाएगा...’ ट्रंप ने ग्रीनलैंड में लगने वाले 'गोल्डन डोम' का विरोध करने पर कनाडा को चेताया

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 24 Jan 2026 7:21 AM

विज्ञापन

दावोस में WEF के भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर चाह रहे हैं. इसके लिए उन्होंने अपने पुराने सहयोगी देशों को भी नाराज कर दिया है, जिसमें अमेरिका के साथ 4000 किमी सीमा वाला देश कनाडा भी है. अब उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कनाडा नहीं मानता है, तो उसे चीन ‘खा जाएगा’.

विज्ञापन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कनाडा पर कड़ा हमला बोला. वजह है अमेरिका का ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा सिस्टम. ट्रंप की योजना है इस सिस्टम को ग्रीनलैंड में लगाने की. ट्रंप का कहना है कि इससे कनाडा की भी सुरक्षा होगी. लेकिन यूरोप समेत कनाडा ने भी इसका विरोध किया है. ट्रंप का आरोप है कि कनाडा अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था के बजाय चीन के साथ रिश्ते बढ़ा रहा है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कनाडा चीन के करीब गया, तो चीन एक साल में ही उसे ‘निगल’ (Eat them up) सकता है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि गोल्डन डोम कनाडा की भी रक्षा करेगा. इसके बावजूद कनाडा चीन के साथ व्यापार करने के फैसले ले रहा है. ट्रंप ने कहा कि चीन कनाडा के लिए खतरा बन सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है. हाल ही में दावोस में हुए 56वें विश्व आर्थिक मंच (WEF) में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बयान से यह तनाव और बढ़ा.

दावोस में भी कार्नी की आलोचना की थी

दावोस सम्मेलन में ट्रंप ने कार्नी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कनाडा को अमेरिका से बहुत सी ‘मुफ़्त सुविधाएं’ मिलती हैं. इसमें सुरक्षा भी शामिल है. ट्रंप ने कहा कि कनाडा को इसके लिए आभारी होना चाहिए.  ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कार्नी को देखा, लेकिन वह आभारी नहीं लगे. ट्रंप ने यह भी कहा, ‘कनाडा अमेरिका की वजह से ही जीवित है. यह बात याद रखना, मार्क, अगली बार जब तुम अपने बयान दोगे.’ उन्होंने साफ कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से सुरक्षित है. साथ ही कहा कि गोल्डन डोम सिस्टम कनाडा की भी रक्षा करेगा.

WEF के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कार्नी की आलोचना की. ट्रंप का यह जवाब कार्नी के उस भाषण पर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि दुनिया में बड़ी ताकतों के बीच टकराव बढ़ रहा है. कार्नी ने यह भी कहा था कि दबाव बनाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल ठीक नहीं है. इसे ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की रणनीति पर एक परोक्ष टिप्पणी माना गया.

ये भी पढ़ें:- ग्रीनलैंड पर क्यों टिकी है ट्रंप की नजर, बर्फीली परत के नीचे छुपा है अकूत खजाना

कनाडा ने चीन के साथ की ट्रेड डील

इससे पहले 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ नए व्यापार समझौते का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि इससे कनाडा को नए बाजार मिलेंगे और व्यापार बढ़ेगा. कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस समझौते से 7 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात रास्ता खुलेगा. इससे कनाडाई कारोबारियों और कामगारों को फायदा होगा.

कनाडा के पीएम ऑफिस ने कहा कि दुनिया अस्थिर हो रही है. ऐसे में कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहा है. इसके लिए वह अलग-अलग देशों से व्यापार बढ़ा रहा है. सरकार का कहना है कि चीन जैसे बड़े देश से व्यापार में मौके हैं. CBS न्यूज के मुताबिक, कनाडा ने चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लगने वाला 100 प्रतिशत टैरिफ घटाने पर सहमति दी है. बदले में चीन कनाडा के खेती से जुड़े सामान पर टैरिफ कम करेगा.

कनाडा-चीन व्यापार समझौते में क्या-क्या है?

कार्नी ने बताया कि शुरुआत में हर साल करीब 49 हजार चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां आएंगी. पांच साल में यह संख्या बढ़कर करीब 70 हजार हो जाएगी. चीन कैनोला बीज पर टैक्स 84 प्रतिशत से घटाकर करीब 15 प्रतिशत करेगा. कार्नी ने कहा कि अब चीन अमेरिका से ज्यादा भरोसेमंद व्यापार साथी बन गया है. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में चीन के साथ रिश्ता स्थिर हुआ है और इसका फायदा दिख रहा है.

ये भी पढ़ें:- Explainer: ग्रीनलैंड पर सुपर पावर देशों में क्यों मचा है घमासान, क्या रूस-चीन से घबराए हुए हैं ट्रंप?

इस समय कनाडा को अमेरिका में अपने सामान पर भारी टैक्स देना पड़ रहा है. कई चीजों पर 35 प्रतिशत तक शुल्क है. धातुओं पर 50 प्रतिशत और विदेशी गाड़ियों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है. उधर अमेरिका और चीन भी एक-दूसरे पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं. हालांकि ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद कुछ चीनी सामानों पर टैरिफ में छूट दी गई है. यह छूट 10 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी.

ये भी पढ़ें:- ट्रंप ने NATO में गैर US सैनिकों की नीयत पर उठाए सवाल, आर्टिकल 5 को यहां टेस्ट करने का इशारा

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola