ट्रंप का बड़ा दावा: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, क्या युद्ध होगा समाप्त, होर्मुज स्ट्रेट पर भी बनी बात?

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 24 May 2026 7:25 AM

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ओवल ऑफिस में वैश्विक नेताओं से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप. फोटो- एक्स (@WhiteHouse).

Donald Trump US Iran Deal: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है. इस डील में होर्मुज स्ट्रेट, युद्धविराम, तेल निर्यात और परमाणु मुद्दे शामिल हैं.

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Donald Trump US Iran Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि यूएस और ईरान के बीच एक बड़े समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. ट्रंप के मुताबिक यह डील ईरान युद्ध को समाप्त करने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा है. ट्रंप ने इशारा किया कि इसके तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर भी सहमति बन सकती है. उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान और कई अन्य देशों के बीच यह समझौता ‘करीब-करीब तय’ हो चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अलग से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत हुई, जो ‘काफी सकारात्मक’ रही.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि समझौते का बड़ा हिस्सा तय हो चुका है और अब सिर्फ आखिरी बिंदुओं पर चर्चा जारी है. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से कई बड़े नेताओं के साथ बातचीत की. इनमें सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला-II और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा शामिल हैं. 

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्या कहा गया?

ट्रंप के अनुसार इन चर्चाओं का मुख्य मुद्दा ईरान और ‘शांति से जुड़ा व्यापक समझौता’ था. दुनिया के सबसे अहम तेल शिपिंग मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में तनाव का केंद्र बना हुआ है. ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के बाद इस मार्ग को फिर से सामान्य तरीके से खोला जा सकता है.

ईरान बोला- ट्रंप के दावे हकीकत से काफी दूर

हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इस दावे पर सवाल उठाए हैं. ईरान की समाचार एजेंसी फारस न्यूज एजेंसी ने कहा कि ट्रंप की बातें ‘जमीनी हकीकत से काफी दूर’ हैं और बातचीत की वास्तविक शर्तों को नहीं दिखातीं. रिपोर्ट में कहा गया कि अगर समझौता होता भी है, तब भी होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण पूरी तरह ईरान के पास रहेगा. शिपिंग रूट, जहाजों के गुजरने का समय, परमिट और संचालन से जुड़े फैसले ईरान ही करेगा. ईरानी रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान युद्ध से पहले जैसी शिपिंग गतिविधियों को बहाल करने पर राजी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होगा कि हर देश को बिना किसी नियंत्रण के रास्ता मिल जाएगा.

पाकिस्तान के अनुसार; तीन चरणों में लागू हो सकता है समझौता

ईरान ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका के साथ संघर्ष खत्म करने के लिए एक ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ तैयार करने पर काम चल रहा है. तेहरान में हुई उच्चस्तरीय बातचीत में पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल रहे. पाकिस्तानी सेना ने इन चर्चाओं को ‘उत्साहजनक’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौता ‘युद्ध खत्म करने के लिहाज से काफी व्यापक’ है.

रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते का ढांचा तीन चरणों में लागू हो सकता है. पहले चरण में संघर्ष खत्म होगा, दूसरे में हॉरमुज संकट को सुलझाया जाएगा और तीसरे चरण में 30 दिनों की व्यापक बातचीत शुरू होगी. जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है.

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ट्रंप की चेतावनी भी आई सामने

इससे पहले ट्रंप ने एक्सियोस से बातचीत में कहा था कि वह रविवार को तय करेंगे कि ईरान पर हमले फिर से शुरू किए जाएं या नहीं. उन्होंने कहा, ‘या तो अच्छा समझौता होगा, या फिर मैं ईरान को पूरी तरह तबाह कर दूंगा.’ इससे पहले भी ट्रंप ईरान को चेतावनी देते हुए कह चुके हैं कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ‘पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है.’ उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के लिए ‘समय तेजी से निकल रहा है.’

अमेरिका की शर्तें क्या हैं? और ईरान क्यों नहीं मान रहा?

अमेरिका का कहना है कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी शुल्क के खुला रहना चाहिए और ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम का नियंत्रण छोड़ना होगा. हालांकि, ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ नागरिक उपयोग के लिए है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा. तेहरान ने अमेरिका से अपने बंदरगाहों पर लगी रोक हटाने, तेल निर्यात पर प्रतिबंध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर निगरानी अधिकार बनाए रखने की मांग की है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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