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Cuban Soldiers: मादुरो के घर क्या कर रहे थे क्यूबाई सैनिक? ट्रंप के कमांडो ने किया ढेर

Updated at : 05 Jan 2026 12:54 PM (IST)
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Cuban Soldiers Maduro Home

Cuban Soldiers Maduro Home

Cuban Soldiers: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने की अमेरिका समर्थित कोशिश के बाद 32 क्यूबा के सैनिकों की मौत से पूरी दुनिया में भूचाल ला दिया है. ट्रंप के बयान, क्यूबा के आरोप और चीन और रूस सहित कई देशों की प्रतिक्रियाओं ने इस घटना को एक ग्लोबल संकट में बदल दिया है.

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Cuban Soldiers: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर अमेरिका ने जो कदम उठाया, उसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. काराकस में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद न सिर्फ मादुरो की गिरफ्तारी हुई, बल्कि इस ऑपरेशन में क्यूबा के 32 सैनिकों की मौत भी हो गई. इस घटना के बाद क्यूबा शोक में है, अमेरिका सख्त तेवर में है और दुनिया के कई देश दो खेमों में बंटते नजर आ रहे हैं. यह मामला सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है.

क्यूबा का दावा- हमारे 32 जवान मारे गए

क्यूबा सरकार ने रविवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान उसके 32 नागरिक मारे गए हैं. क्यूबा सरकार के अनुसार, मारे गए सभी लोग क्यूबा की सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे. सरकार ने कहा कि ये लोग वेनेजुएला में सुरक्षा और रक्षा से जुड़े काम कर रहे थे. बयान में कहा गया कि जवानों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी की और हमलावरों के खिलाफ डटकर मुकाबला किया.

क्यूबा सरकार के बयान के मुताबिक, मारे गए सैनिकों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और सीधे संघर्ष या अमेरिकी बमबारी में जान गंवाई. सरकार ने कहा कि जवानों ने अपना फर्ज निभाया और आखिरी सांस तक मुकाबला किया. क्यूबा ने 5 और 6 जनवरी को राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और कहा है कि शहीदों को सम्मान देने के लिए कार्यक्रम किए जाएंगे. (Cuban Soldiers Maduro Home Trump Commando Attack in Hindi)

Cuban Soldiers in Hindi: मादुरो की सुरक्षा में पहले से शामिल था क्यूबा

क्यूबा लंबे समय से निकोलस मादुरो को सुरक्षा सहायता देता रहा है. हालांकि क्यूबा सरकार ने यह साफ नहीं किया कि मारे गए सैनिकों में से कितने सीधे मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे और कितने अन्य जगहों पर मौजूद थे. क्यूबा अधिकारियों ने यह जरूर कहा कि ये सैनिक वेनेजुएला की एजेंसियों के अनुरोध पर मिशन पर थे. अमेरिकी सेना ने शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सैन्य कार्रवाई की.

इस ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया. दोनों को अमेरिका ले जाया गया है. मादुरो को न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जाना है. मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी और अपराध से जुड़े कई आरोप हैं, जिन्हें वह पहले से नकारते आए हैं.

ट्रंप का बयान- बहुत सारे क्यूबाई मारे गए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान मादुरो की सुरक्षा में लगे कई क्यूबाई मारे गए. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि दूसरी तरफ काफी मौतें हुई हैं. ट्रंप के मुताबिक, मारे गए लोग क्यूबा की सेना और गृह मंत्रालय से जुड़े थे. क्यूबा सरकार ने इस कार्रवाई को अमेरिका का आपराधिक हमला बताया है. क्यूबा का कहना है कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला है.

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिकी हमले में मारे गए क्यूबाई जवानों ने साम्राज्यवादी ताकतों का बहादुरी से सामना किया. डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि क्यूबा अब कमजोर होता जा रहा है. ट्रंप के अनुसार, क्यूबा को वेनेजुएला से सस्ता तेल मिलता था और अब वह मदद बंद हो सकती है. उन्होंने कहा कि क्यूबा बिना किसी बाहरी मदद के ज्यादा समय तक खुद को संभाल नहीं पाएगा और अमेरिका को वहां अलग से कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

वेनेजुएला की नई अपील

इस पूरे घटनाक्रम के बीच वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से रिश्ते सुधारने की बात कही है. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका के साथ संतुलित और सम्मानजनक संबंध चाहता है. डेल्सी रोड्रिगेज ने सहयोग और साझा विकास के एजेंडे पर साथ काम करने का भी प्रस्ताव रखा है. अमेरिकी कार्रवाई के बाद दुनिया भर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं. चीन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए मादुरो की तुरंत रिहाई की मांग की है. रूस ने भी अमेरिका से कहा है कि वह वेनेजुएला के चुने हुए राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को छोड़े. ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है.

लैटिन अमेरिका और यूरोप में चिंता

मेक्सिको ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है. कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इसे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया. फ्रांस और स्पेन ने भी कहा कि किसी देश पर बाहरी दबाव डालकर समाधान नहीं थोपा जा सकता. यूरोपीय संघ ने संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की, हालांकि यह भी कहा कि मादुरो की वैधता पर सवाल हैं.

कुछ देशों का खुला समर्थन

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया और इसे वैध बताया. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अमेरिका के कदम को आज़ादी और न्याय की दिशा में जरूरी बताया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि मादुरो के शासन के खत्म होने पर उन्हें कोई दुख नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खतरनाक मिसाल बन सकती है. पोप ने भी कहा कि वेनेजुएला के लोगों की भलाई सबसे ऊपर होनी चाहिए.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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