CORONA से सबक नहीं, चीन में फिर बिकने लगे सांप, कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़
Author : sumitkumar1248654 Published by : Prabhat Khabar Updated At : 31 Mar 2020 10:18 AM
Coronavirus snakes dogs cats chamagadad sell in China market दुनियाभर में कोरोना का कोहराम फैलाने के बाद एक बार फिर चाइना मार्केट सज धज कर तैयार हो गया है. आपको बता दें चीन के वुहान से पनपा कोरोना वायरस 190 से ज्यादा देशों को आईसीयू में धकेल चुका है. जिससे करीब 30000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई लाख लोग इससे संक्रमित है.
दुनियाभर में कोरोना का कोहराम फैलाने के बाद एक बार फिर चाइना मार्केट सज धज कर तैयार हो गया है. आपको बता दें चीन के वुहान से पनपा कोरोना वायरस 190 से ज्यादा देशों को आईसीयू में धकेल चुका है. जिससे करीब 30000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई लाख लोग इससे संक्रमित है.
और चीनी सरकार एकबार फिर चमगादड़, कुत्ते, बिल्ली, बिच्छू समेत अन्य जानवरों के मांस को मंडियों में परोस रहे हैं. क्या आपको मालूम है चीन ऐसा क्यों कर रहा है?
दरअसल, चीन में मांस का बहुत बड़ा मार्केट है. जो इसकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालता है. अत: अपने निजी स्वार्थ के लिए, अर्थव्यवस्था को वूस्ट करने के लिए चीनी मंडियों में मांस की एकबार फिर बिक्री चालू कर दी गई है.
विशेषज्ञों की मानें तो यह वायरस पैंगोलिन से चमगादड़ के रास्ते लोगों तक पहुंचा है. जिससे दुनियाभर के कई देश इससे प्रभावित हुए फिर भी चीन बाज नहीं आ रहा. यहां तक कि वुहान और हुबेई के लोग पिछले तीन माह से घरों में कैद थे. सभी फ्लाइट, ट्रेन, बस सर्विस बंद कर दी गई थीं. 23 जनवरी से लॉकडाउन के बाद बाजार में फिर से वही चहल-पहल दिख रही है.
विशेषज्ञों की मानें तो वुहान का यह बाजार जंगली जीवों जैसे सांप, रैकून और साही के अवैध व्यापार के लिए चर्चित है. जानवरों को पिंजड़े में रखने के बाद इनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों और दवाइयों के रूप में किया जाता रहा है.
इस बाजार में मुख्य रूप से समुद्री जीव व जंगली जानवर के मांस बेचे जाते हैं. यहां सांप, रैकून और साही के अवैध व्यापार होता है.
दरअसल, चीन में कुछ जानवरों को उनके स्वाद की वजह से खाया जाता है. और कुछ जानवरों का इस्तेमाल पारंपरिक दवाओं में किया जाता है.
यहां के रेस्त्रां में सबसे ज्यादा बैट सूप यानी चमगादड़ का सूप परोसा जाता है. वहीं, भुना हुआ कोबरा सांप, भालू के भुने हुए पंजे, बाघ की हड्डियों से बनी शराब जैसी डिश भी महंगे रेस्त्रां में परोसे जाते है.
हाल ही में चूहे से हंता वायरस फैला था. आपको बता दें कि चूहे, बिल्लियां, सांप समेत कुछ दुर्लभ चिड़ियों भी इन बाजारों की शोभा बढ़ाती है.
चीन की पारंपरिक दवाओं के लिए भी जीवों को इस्तेमाल किया जाता है. एक खबर की मानें तो इससे चीन पुरुष नपुंसकता, आर्थराइटिस और गठिया जैसे रोगों को दूर करने की क्षमता वाले दवाएं बनाता हैं. चीन की इस करतूत से कई जीव-जन्तु विलुप्त होने के कगार पर हैं.
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