हवा में भी तैर रहा कोरोना वायरस ? शोध में मिले COVID19 के आनुवंशिक तत्व
**EDS: FILE IMAGE** New Delhi: In this Wednesday, Jan. 1, 2014 file photo DHFL promoters Kapil Wadhawan (left) and Dheeraj Wadhawan being produced at a special court by CBI in Yes Bank scam case, in Mumbai. A special court on Monday, April 27, 2020, remanded DHFL promoter Kapil Wadhawan and RKW Developers promoter Dheeraj Wadhawan to CBI custody till April 29 in connection with the Yes Bank scam. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI27-04-2020_000176B)
वैज्ञानिकों ने हवा में कोरोना वायरस के आनुवंशिक तत्व होने के सबूत पेश किये हैं लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये कण संक्रामक हैं या नहीं.
बीजिंग : वैज्ञानिकों ने हवा में कोरोना वायरस के आनुवंशिक तत्व होने के सबूत पेश किये हैं लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये कण संक्रामक हैं या नहीं.
अनुसंधानकर्ताओं ने चीन के वुहान में दो अस्पतालों और कुछ सार्वजनिक स्थानों के पर्यावरण का आकलन किया. ये वह क्षेत्र हैं जहां कोविड-19 के सबसे अधिक मामले सामने आये. अनुसंधानकर्ताओं के इस दल में वुहान विश्वविद्यालय के शेधकर्ता भी शामिल हैं.
‘नेचर’ पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में यह आनुवंशिक तत्व संक्रामक है या नहीं यह आकलन नहीं किया गया है. 31 स्थानों पर से 40 नमूने एकत्रित किये गये. इसमें कहा गया कि साफ-सफाई, उचित वायु संचार और भीड़ में जाने से बचने से वायरस के हवा में फैलने के खतरे को कम किया जा सकता है.
वैज्ञानिकों ने कहा कि अब तक, मनुष्यों के लिए सार्स-सीओवी-2 आरएनए के फैलने के जो तरीके सामने आए वे संक्रमित लोगों के निकट सम्पर्क में आना, संक्रमित लोगों के सांस छोड़ने या छींकने समय बाहर निकले दूषित सुक्ष्म बूंदों के सम्पर्क में आना शामिल है.
इसके हवा द्वारा फैलने की बात अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. के लान और उनकी टीम ने फरवरी और मार्च 2020 के दौरान कोविड-19 के मरीजों का जिन दो सरकारी अस्पताल में इलाज किया उसके आसपास ‘एयरोसोल ट्रैप’ स्थापित किए, जिसके बाद वे इन नतीजों पर पहुंचे.
गौरतलब है चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मरने वालों का आंकड़ा 2,06,567 तक पहुंच गया है. यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर संकलित आंकड़ों से हुई है.
दुनियाभर के 193 देशों में अब तक 29,61,540 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जबकि कम से कम 8,09,400 लोग ठीक हो चुके हैं. अमेरिका कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित देश है जहां 9,65,933 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि 54,877 लोगों की मौत हुई है.
इटली दूसरा देश है जहां पर सबसे अधिक मौतें हुई हैं. यहां पर 26,644 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं एवं 1,97,675 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है. कुल 2,09,465 मामलों और 23,521 मौतों के साथ स्पेन तीसरे स्थान पर है.
फ्रांस में 1,62,100 मामले सामने आए हैं जिनमें 22,856 लोगों की मौत हुई है जबकि ब्रिटेन में 20,732 लोगों ने अपनी जान कोविड- 19 से गंवाई है. यहां कुल 1,52,840 मामलों की पुष्टि हुई है। चीन में (हांगकांग और मकाउ को छोड़कर) में अबतक 82,830 मामलों की पुष्टि हुई है और 4,633 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं. इनमें हाल में हुई एक मौत और संक्रमण के तीन मामले शामिल है.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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