कोरोना का भय नहीं ? यहां धड़ल्ले बिक रहे चमगादड़

इंडोनेशिया में चमगादड़ों की बिक्री धड़ल्ले से जारी (Sale of bats in Indonesia ) है. मालूम हो चीन के वुहान से दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) का कारण चमगादड़ को ही माना जा रहा है. अब इस तरह से इसकी बिक्री कोरोना संकट के काल में बड़ी मुसीबत बन सकती है.
नयी दिल्ली /इंडोनेशिया : कोरोना वायरस ने इस समय पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. कोरोना के कारण करीब 29 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 2 लाख लोगों की मौत हो गयी है. इस बीच कोरोना संकट में एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे.
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार इंडोनेशिया में चमगादड़ों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है. मालूम हो चीन के वुहान से दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस का कारण चमगादड़ को ही माना जा रहा है. अब इस तरह से इसकी बिक्री कोरोना संकट के काल में बड़ी मुसीबत बन सकती है.
एनबीटी में चल रही खबर के अनुसार इंडोनेशिया में रोजाना करीब 50 से 60 चमगादड़ों की बिक्री हो रही है. चीन में पेकिंग यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंस सेंटर की वेइ जी समेत शोधकर्ताओं के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित हुए मरीज थोक बाजार में वन्यजीवों के संपर्क में आये होंगे जहां सीफूड, मुर्गियां, सांप, चमगादड़ और पालतू मवेशी बिकते हैं.
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एक शोध के अनुसार चमगादड़ में तरह-तरह के वायरस पाये जाते हैं. पता चला है कि चमगादड़ के शरीर में लगभग 61 वायरस होते हैं जो कि मनुष्यों के साथ अन्य जीवों को संक्रमित करते है. ऐसा इनके निवास स्थान में लगातार होने वाले परिवर्तन की वजह से होता है क्योंकि इससे इनके मेटाबॉलिज्म में कई प्रकार का फेरबदल होता रहता है, जो कि वायरस के लिए बहुत अनुकूल होता है.
शोध में पाया गया झुंड में रहने की वजह से चमगादड़ एक दूसरे के शरीर में वायरस को तेज़ी से फैलाते हैं. चूंकि ये ऐसे जीव हैं जो मनुष्यों आस-पास रहते हैं, इसलिए इनसे मनुष्यों में वायरस के फैलने की आशंका ज़्यादा होती है.
गौरतलब है कि इंडोनेशिया में कोरोना के कारण अब तक करीब 9 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं और 743 लोगों की मौत हो चुकी है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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