कोरोना पर चर्चा की तो जाना होगा जेल, यहां मास्क पहनने और कोरोना वायरस शब्द के इस्तेमाल पर लगी है रोक

एक तरफ पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर है मास्क की बिक्री बढ़ी है, तो दूसरी तरफ एक ऐसा भी देश है जिसने मास्क पहनने और कोरोना वायरस के नाम पर ही रोक लगा दी है.
नयी दिल्ली : एक तरफ पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर है मास्क की बिक्री बढ़ी है, तो दूसरी तरफ एक ऐसा भी देश है जिसने मास्क पहनने और कोरोना वायरस के नाम पर ही रोक लगा दी है.
पूरी दुनिया में इस वायरस को कोरोना के नाम से जाना जा रहा है. गूगल में भी सबसे ज्यादा इसी नाम से इस वायरस की जानकारी ली जा रही है. दूसरी तरफ तुर्कमेनिस्तान ने “कोरोना वायरस” शब्द पर ही बैन लगा दिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार तुर्कमेनिस्तान की सरकार के आदेश के बाद वहां की मीडिया स्वास्थ्य विभाग भी “कोरोना वायरस” शब्द का प्रयोग नहीं कर रहा है. इस वायरस के लिये फैलाये जा रहे जागरुकता अभियान में भी इस शब्द के इस्तेमाल से बचा जा रहा है.
तुर्कमेनिस्तान में यह भी कहा जा रहा है कि इस वायरस से संक्रमित एक भी मरीज यहां नहीं है. इतना ही नहीं अगर यहां के लोग इस वायरस पर चर्चा कर रहे हैं तो उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर रही है. इसके लिए एक स्पेशल टीम बनी है जो सादे लिबाज में लोगों के बीच रहती है, उनकी बातें सुनती है कि वह किस विषय में बात कर रहे हैं अगर कहीं कोरोना पर चर्चा होती तो पुलिस पकड़कर ले जाती है.
दूसरी तरफ तुर्कमेनिस्तान की सरकार इस वायरस को लेकर पूरी तरह सतर्क है. प्रमुख स्थानों पर लोगों का तापमान मापा जा रहा है, साफ सफाई की जा रही है. आंदोलन और कई तरह के आयोजन जिससे भीड़ जमा हो उस पर भी रोक लगा दी गयी है.
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By Pankajkumar Pathak
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