चीन में सोशल सिक्योरिटी भुगतान पर सख्ती, कंपनियों पर बढ़ा दबाव; टैक्स-पेरोल डेटा से हो रही जांच
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग. फोटो-सोशल मीडिया
चीन की सरकार कंपनियों की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था पर निगरानी तेज कर रही है. टैक्स और पेरोल डेटा का मिलान कर अनियमितताओं का पता लगाया जा रहा है. यह सख्ती ऐसे समय में आई है जब अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है.
चीन में कंपनियों की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था पर सरकार ने निगरानी और कड़ी कर दी है. चीन में यह सख्ती ऐसे समय में बढ़ी है, जब अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है. कमजोर उपभोक्ता मांग, कारोबार में गिरावट, नकदी की कमी और स्थानीय सरकारों पर बढ़ते कर्ज ने कंपनियों पर दबाव बढ़ाया है. कई कारोबारी पहले से ही बढ़ती लागत और कमजोर मांग के कारण मुश्किल स्थिति में हैं.
चीन में कई क्षेत्रों में कर्मचारियों के वेतन और सोशल सिक्योरिटी भुगतान से जुड़ी रिपोर्टिंग की नई शर्तें लागू की गई हैं. द एपोच टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी टैक्स और पेरोल डेटा का मिलान कर कंपनियों द्वारा घोषित वेतन और वास्तविक भुगतान में अंतर तलाश रहे हैं.
कम वेतन दिखाकर बचाई जाती थी लागत
तियानजिन की एक गारमेंट-प्रोसेसिंग फैक्ट्री के मैनेजर ने द एपोच टाइम्स को बताया कि उनके उद्योग में कई कंपनियां कर्मचारियों की वास्तविक पूरी सैलरी के बजाय स्थानीय न्यूनतम योगदान आधार पर सोशल सिक्योरिटी का भुगतान करती थीं. इससे कंपनियों की श्रम लागत कम रहती थी, लेकिन कर्मचारियों की वास्तविक आय के मुकाबले सोशल सिक्योरिटी योगदान कम दिख सकता था.
पूरे उद्योग में यही तरीका था
मैनेजर लू के मुताबिक, उनके क्षेत्र में यह तरीका लंबे समय से चलता आ रहा था. उन्होंने कहा कि कंपनियां स्थानीय न्यूनतम मानक के आधार पर योगदान करती थीं, जब तक अधिकारियों का ध्यान इस पर नहीं जाता था. बढ़ती परिचालन लागत के बीच उनका कहना था कि नियमों का पूरी तरह पालन करने वाली कंपनियों के लिए मुनाफे का स्तर बनाए रखना मुश्किल हो सकता है.
टैक्स डेटा से पकड़ी जा रहीं गड़बड़ियां
रिपोर्ट के मुताबिक, लियाओनिंग प्रांत के टैक्स अधिकारियों ने अगस्त में बताया कि टैक्स डेटा का क्रॉस-चेक कर कंपनियों के सोशल सिक्योरिटी घोषणापत्र में अनियमितताओं का पता लगाया गया। वहीं, ग्वांगडोंग में 2 जुलाई को कंपनियों को 2026 के सोशल सिक्योरिटी वर्ष के लिए कर्मचारियों की सैलरी, बोनस, भत्ते और सब्सिडी समेत वेतन संबंधी जानकारी देने को कहा गया।
कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी जरूरी
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों से घोषित वेतन संबंधी जानकारी पर हस्ताक्षर कराने और दस्तावेजों को जांच के लिए सुरक्षित रखने की मांग की गई है. इससे कंपनियों के लिए वास्तविक वेतन और सोशल सिक्योरिटी योगदान के बीच अंतर छिपाना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है.
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By सत्येन्द्र गिरि
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