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चीन-पाकिस्तान को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, रूस से आ रहे हैं S-400 मिसाइल सिस्टम, सीमा पर होंगे तैनात

Updated at : 14 Nov 2021 5:06 PM (IST)
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चीन-पाकिस्तान को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, रूस से आ रहे हैं S-400 मिसाइल सिस्टम, सीमा पर होंगे तैनात

रूस ने जमीन से हवा में मार करने वाली घातक ट्रियंफ मिसाइल एस-400 (S-400 Triumf Surface-to-Air Missile System) की डिलीवरी शुरू कर दी है.

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S-400 Missile System: चीन और पाकिस्तान की सीमा पर लगातार बढ़ती गुस्ताखियों को अब भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. रूस ने जमीन से हवा में मार करने वाली घातक ट्रियंफ मिसाइल एस-400 (S-400 Triumf Surface-to-Air Missile System) की डिलीवरी शुरू कर दी है. ड्रैगन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश से सटे तिब्बत में स्थित नगारी गार गुंसा और निंगची एयरबेस पर एस-400 के दो स्क्वाड्रन को तैनात कर रखा है.

पाकिस्तान के साथ मिलकर लगातार चालबाजियां करने वाले चीन को जवाब देने के लिए भारत ने भी S-400 मिसाइलें मंगवा ली हैं. इसके लिए सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. एस-400 मिसाइल की 5 स्क्वाड्रन भारत ने रूस से मंगवायी है. ऐसा माना जा रहा है कि जमीन से हवा में मार करने वाली S-400 मिसाइलें मिल जाने के बाद भारत चीन को करारा जवाब दे सकेगा. सूत्रों ने बताया है कि भारतीय वायुसेना के अधिकारियों को रूस में ट्रेनिंग दी गयी थी. पहले स्क्वाड्रन की तैनाती के बाद अब ये अधिकारी पूर्वी सीमा पर अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे.

हिंदुस्तान टाइम्स ने न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से कहा है कि ये मिसाइलें भारत को मिलने लगी हैं. सूत्रों के हवाले से एएनआई ने कहा है कि इन मिसाइलों को सबसे पहले देश की पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जायेगा, ताकि पाकिस्तान और चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके. इन मिसाइलों के मिल जाने के बाद भारत की हवाई सीमाएं भी सुरक्षित हो जायेंगी. अगर कोई हवाई मार्ग से हमारी सीमा में प्रवेश करने की जुर्रत करेगा, तो उसके विमान या ड्रोन को मिसाइलें पलक झपकते ही मार गिरायेगी.

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क्या होगी खासियत

दुबई एयर शो से पहले रूस के फेडरल सर्विस ऑफ मिलिट्री टेक्निकल को-ऑपरेशन (FSMTC) के डायरेक्टर दिमित्री शुगेव ने कहा है कि भारत को इस घातक मिसाइल की डिलीवरी शुरू हो गयी है. बताया जा रहा है कि रूस में बनी लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम इस मिसाइल को सबसे पहले लद्दाख सेक्टर में तैनात किया जायेगा, जहां हाल ही में चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों की हाथापायी हुई थी.

भारत और रूस दोनों मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह सरफेस टू एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम जल्द से जल्द भारत पहुंच जायें. यही वजह है कि हवाई जहाज के साथ-साथ पानी के जहाज से भी इसकी डिलीवरी की जा रही है. इस वर्ष के अंत तक पहले स्क्वाड्रन की डिलीवरी पूरी हो जाने की उम्मीद है.

बताया जा रहा है कि यह मिसाइल सिस्टम हवा में मंडराने वाले अपने किसी भी दुश्मन चाहे वह क्रूज मिसाइल हो या हवाई जहाज, को 400 किलोमीटर की दूरी से मार गिराता है. S-400 मिसाइल सिस्टम चार अलग-अलग तरह के मिसाइल लगे हैं, जो एयरक्राफ्ट, बैलिस्टिक मिसाइल और अवाक्स विमानों को मार गिराता है. यह मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर, 250 किलोमीटर, 120 किलोमीटर और 40 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित दुश्मन को मार गिराता है.

Posted By: Mithilesh Jha

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