Afghanistan: रमजान के दौरान संगीत बजाने पर तालिबान ने महिला रेडियो स्टेशन को किया बैन

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 03 Apr 2023 4:03 PM

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तालिबानियों ने महिला रेडियो स्टेशन को बंद करने का फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि रमजान के मौके पर जो संगीत बज रहे थे, वह उन्हें पसंद नहीं आया. यह जानकारी अल जजीरा ने दी है.

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अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जा होने के बाद महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. महिला के खिलाफ कई कानून भी बनाये गये. ताजा मामला है कि तालिबान ने अफगानिस्तान में एक मात्र महिला रेडियो स्टेशन को बंद कर दिया गया है.

रमजान पर संगीत बजाने पर अफगानिस्तान में महिला रेडियो स्टेशन बंद

तालिबानियों ने महिला रेडियो स्टेशन को बंद करने का फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि रमजान के मौके पर जो संगीत बज रहे थे, वह उन्हें पसंद नहीं आया. यह जानकारी अल जजीरा ने दी है.

पिछले 10 साल से संचालित हो रहा था महिला रेडियो स्टेशन

सदाई बानोवन रेडियो स्टेशन अफगानिस्तान का एकमात्र महिला संचालित स्टेशन था, जो दस वर्षों तक प्रसारित हुआ. सदाई बानोवन का अर्थ महिलाओं की आवाज बताया जा रहा है.

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रेडियो स्टेशन में 8 में से 6 कर्मचारी महिलाएं थीं

तालिबानियों ने जिस महिला रेडियो स्टेशन को बंद कराया है, उसमें 8 में से 6 कर्मचारी महिलाएं थीं. सूचना और संस्कृति के प्रांतीय निदेशक मोइजुद्दीन अहमदी ने कहा कि रेडियो स्टेशन ने रमजान के दौरान संगीत बजाकर बार-बार इस्लामिक अमीरात के कानूनों और नियमों का उल्लंघन किया. नतीजतन, स्टेशन बंद कर दिया गया था. अहमदी ने कहा, अगर यह रेडियो स्टेशन अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात की नीति को स्वीकार करता है और गारंटी देता है कि वह ऐसी बात दोबारा नहीं दोहराएगा, तो हम इसे फिर से संचालित करने की अनुमति देंगे.

स्टेशन प्रबंधक ने आरोपों से किया इनकार

स्टेशन के प्रबंधक नाजिया सोरोश ने तालिबान के आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा, रेडियो स्टेशन ने कोई भी कानूनों और नियमों का उल्लंघन नहीं किया है. उन्होंने बंद करने को साजिश बताया.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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