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खुद को अफगानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति बता चुके अमरुल्लाह ने बॉडीगार्ड से कहा- घायल होने पर मार देना गोली

Updated at : 05 Sep 2021 5:32 PM (IST)
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खुद को अफगानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति बता चुके अमरुल्लाह ने बॉडीगार्ड से कहा- घायल होने पर मार देना गोली

Taliban In Kabul अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो चुका है और यहां तालिबानी जुल्म के रोज अलग-अगल किस्से सामने आ रहे है. इस बीच खुद को अफगानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह ने काबुल पर तालिबानी कब्जे से पहले की कहानी बयां की हैं.

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Taliban In Kabul अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो चुका है और यहां तालिबानी जुल्म के रोज अलग-अगल किस्से सामने आ रहे है. इस बीच खुद को अफगानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह ने काबुल पर तालिबानी कब्जे से पहले की कहानी बयां की हैं. अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने बताया कि कैसे उन्होंने तालिबान के कब्जे के बाद अपनी पत्नी और बेटी की तस्वीर को जला दिया. इतना ही नहीं अमरुल्लाह सालेह ने अपने बॉडीगार्ड से कहा था कि अगर मैं घायल हो जाऊं तो मुझे गोली मार देना.

अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने बताया है कि देश के नेताओं ने कैसे आम जनता को धोखा दिया और जरूरत के समय किसी ने भी देश को बचाने की कोशिश नहीं की. पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह पंजशीर प्रांत में हैं और तालिबान के खिलाफ जंग लड़ रहे राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (NRF) का नेतृत्व कर रहे हैं. खबरों के मुताबिक, पंजशीर प्रांत में तालिबान लगातार बढ़त बना रहा है. तालिबान के पास वो हथियार भी हैं, जो विदेशी सैनिक छोड़कर गए हैं. वहीं, एनआरएफ बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सहायता के तालिबान का डट कर मुकाबला कर रहा है.

इन सबके बीच, अमरुल्लाह सालेह ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह तालिबान के सामने सरेंडर नहीं करेंगे. उन्होंने अपने गार्ड से कहा है कि अगर तालिबान संग लड़ाई में वह घायल हो जाते हैं, तो उनके सिर पर दो बार गोली मार दी जाए. सालेह ने ब्रिटेन के अखबार डेली मेल में एक लेख लिखते हुए खुद को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया है, क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे. सालेह का मानना है कि जो नेता देश छोड़कर गए हैं, उन्होंने देश की मिट्टी को धोखा दिया है. साथ ही बताया कि जब बीते महीने तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था, तब उससे लड़ने के बजाय कैसे अफगान नेता अंडरग्राउंड हो गए.

अमरुल्लाह सालेह ने कहा, इंटेलीजेंस चीफ मेरे पास आए और बोले कि जहां आप जाएंगे मैं वहां चलूंगा. हम अपनी आखिरी लड़ाई साथ लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जो नेता विदेश के विला और होटलों में रह रहे हैं और गरीब अफगानों से लड़ने को कह रहे हैं. वो डरपोक हैं. सालेह ने अखबार में बताया कि मैं अपने घर गया और अपनी पत्नी और बेटियों की तस्वीरें नष्ट कीं. मैंने अपना कंप्यूटर और बाकी का जरूरी सामान एकत्रित किया. इसके बाद उन्होंने अपने चीफ गार्ड रहीम से कुरान पर हाथ रखने को कहा. सालेह ने लेख में लिखा है, मैंने उससे कहा, हम पंजशीर जा रहे हैं. सड़कें तालिबान के कब्जे में हैं. हम लड़ाई लड़ेंगे. अगर में घायल हो जाऊं, तो मेरा तुमसे आग्रह है कि मेरे सिर में दो बार गोली मार देना. सालेह ने कहा कि मैं कभी भी तालिबान के सामने सरेंडर नहीं करूंगा.

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