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यौन संबंध से भी फैल सकता है ''जीका'' वायरस

Updated at : 03 Feb 2016 12:11 PM (IST)
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यौन संबंध से भी फैल सकता है ''जीका'' वायरस

मियामी : अमेरिका के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने जीका विषाणु के यौन संबंधों के कारण संक्रमण की पुष्टि की है, जिसके कारण शिशुओं में मस्तिष्क-विकार के बढते मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले इस बीमारी के तेजी से फैलने की आशंका प्रबल हो गयी है. टेक्सास में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लातिन अमेरिका में […]

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मियामी : अमेरिका के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने जीका विषाणु के यौन संबंधों के कारण संक्रमण की पुष्टि की है, जिसके कारण शिशुओं में मस्तिष्क-विकार के बढते मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले इस बीमारी के तेजी से फैलने की आशंका प्रबल हो गयी है. टेक्सास में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लातिन अमेरिका में इस महामारी के और अधिक तेजी से फैलने की आशंका जताई है. उन्होंने बताया कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं कि यह विषाणु सिर्फ उष्णकटिबंधीय मच्छरों के कारण नहीं बल्कि यौन संबंधों से भी संक्रमित होता है.

अमेरिका, कनाडा और यूरोप के लिए यह संकट का संकेत है जहां जीका की पुष्टि उन्हीं लोगों में हुई है जो प्रभावित क्षेत्रों की यात्राकर लौटे हैं. डल्लास काउंटी के एक बयान के मुताबिक, ‘इस साल जीका विषाणु से प्रभावित देश की यात्रा कर लौटे एक बीमार व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने के कारण एक व्यक्ति भी इस विषाणु से संक्रमित हो गया.’ काउंटी से इसके बाद ट्वीट किया कि यह वेनेजुएला से यात्राकर लौटे किसी व्यक्ति में यह विषाणु पाया गया है और जीका का दूसरा मामला भी वेनेजुएला से ही लौटे व्यक्ति में पाया गया है.

‘यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन’ के निदेशक डॉ. टॉम फ्रीडेन ने मंगलवार बाद किए एक ईमेल में टेक्सास में यौन संबंध के कारण जीका विषाणु से संक्रमित होने के मामले की सूचना दी. डॉ. टॉम फ्रीडेन ने ट्विटर पर पोस्ट किया वेनेजुएला गये एक व्यक्ति में जीका के लक्षण पाए गए थे लेकिन उसके साथी ने जब उसके साथ यौन संबंध बनाया तब वह भी इस विषाणु से संक्रमित हो गया, जो कभी भी अमेरिका से बाहर नहीं गया.

सीडीसी ने बताया कि पिछले महीने उसे यौन संबंध के कारण जीका संक्रमण के मामले का पता चला था और एक मामले में तो यह विषाणु एक व्यक्ति के खून के बजाय उसके वीर्य में पाया गया. जीका का मामला सबसे पहले 1947 में यूगांडा में पाया गया था, जिसके लक्षण हल्के फ्लू (बुखार) जैसे हैं. पिछले साल इस महामारी की घोषणा के बाद से लातिन अमेरिकी देश खासकर ब्राजील में इसका तेजी से प्रसार हो रहा है जिसके कारण असामान्य रुप से छोटे सिर वाले शिशुओं का जन्म हो रहा है.

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