ब्राजील ने जिका विषाणु से संयुक्त लडाई का आह्वान किया

रियो डे जैनेरियो : ब्राजील ने अपने पडोसियों से जिका विषाणु से लडने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है जिसकी वजह से क्षतिग्रस्त मस्तिष्क वाले बच्चे पैदा हो रहे हैं. वहीं, एयरलाइनों ने क्षेत्र की यात्रा करने से डर रहीं गर्भवती महिलाओं का किराया वापस करने की पेशकश की है. बढ रहे खतरे […]
रियो डे जैनेरियो : ब्राजील ने अपने पडोसियों से जिका विषाणु से लडने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है जिसकी वजह से क्षतिग्रस्त मस्तिष्क वाले बच्चे पैदा हो रहे हैं. वहीं, एयरलाइनों ने क्षेत्र की यात्रा करने से डर रहीं गर्भवती महिलाओं का किराया वापस करने की पेशकश की है. बढ रहे खतरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तेजी से फैल रहे विषाणु पर त्वरित गति से अनुसंधान करने को कहा है. इस विषाणु ने अमेरिका और यूरोप से आने वाले यात्रियों को संक्रमित किया है. मच्छर जनित इस विषाणु से ब्राजील सर्वाधिक प्रभावित है.
कहा जा रहा है कि इस विषाणु की वजह से बडी संख्या में अवकिसित मस्तिष्क या असामान्य रूप से छोटे सिर वाले बच्चे पैदा हो रहे हैं. यह स्थिति अधिकारियों को चिंतित कर रही है क्योंकि देश ओलंपिक की तैयारी कर रहा है जिसमें अगस्त में रियो डे जैनेरियो में विश्वभर से हजारों लोग जुटेंगे. जिका विषाणु लातिन अमेरिका के करीब 20 देशों में फैल चुका है और विश्व स्वास्थ्य संगठन को कनाडा और चिली को छोडकर प्रत्येक अमेरिकी देश में इसके फैलने की आशंका है.
डेनमार्क और स्विटजरलैंड लातिन अमेरिका से लौट रहे लोगों में जिका संक्रमण की रिपोर्ट देने के लिए यूरोपीय देशों की बढती संख्या में जुड़ गये हैं. वर्तमान में जिका का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है और मच्छरों से बचने के सिवाय इसे रोकने को कोई अन्य तरीका नहीं है. ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने कल कहा कि उन्होंने लातिन अमेरिका और कैरीबियाई देशों के 33 सदस्यीय समुदाय से जिका विषाणु के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए एक शिखर बैठक के लिए कहा.
अमेरिकन एयरलाइन्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी उन गर्भवती महिलाओं का किराया लौटाने की पेशकश कर रही है जिन्होंने विषाणु से प्रभावित देशों और क्षेत्रों की यात्रा के लिए टिकट बुक कराया है. एक अन्य अमेरिकी एयरलाइन डेल्टा ने कहा कि इसके भी कुछ यात्री किराया वापसी या अपने टिकट में परिवर्तन कराने के पात्र हो सकते हैं. जिका का सबसे पहले अफ्रीका में पता चला था और यह एशिया तथा प्रशांत में भी मौजूद है, लेकिन वहां इसका संबंध अविकसित मस्तिष्क के साथ देखने को नहीं मिला है.
यह सबसे पहले ब्राजील में अक्तूबर में सुर्खियों में आया था. इस विषाणु की वजह से बच्चों का मस्तिष्क मृत हो सकता है या उनकी मृत्यु भी हो सकती है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ब्राजील में इस विषाणु के कहर मचाने की शुरुआत से लेकर अब तक 3,718 मामले सामने आ चुके हैं. 68 बच्चों की मौत हो चुकी है. कोलंबिया, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर और जमैका ने महिलाओं से कहा है कि वे इस समय गर्भ धारण न करें. कोस्टा रिका ने कल कहा कि वह विषाणु के संभावित वाहकों का पता लगाने के लिए देश में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए एक स्वास्थ्य प्रश्नावली तैयार कर रहा है.
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