9/11 हादसे के 13 साल बाद फिर से बनकर तैयार हुआ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
Updated at : 04 Nov 2014 4:16 PM (IST)
विज्ञापन

न्यूयार्क. अमेरिका में हुये 9/11 के आतंकवादी हमले के 13 साल बाद पूरी तरह तबाह और ज़मींदोज़ हो चुके वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह पर उसके ही प्रतीक के तौर पर बनी नयी ईमारत वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनकर तैयार हो चुकी है और अब इसे कारोबार के लिए खोल दिया गया है. 104 मंजिला […]
विज्ञापन
न्यूयार्क. अमेरिका में हुये 9/11 के आतंकवादी हमले के 13 साल बाद पूरी तरह तबाह और ज़मींदोज़ हो चुके वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह पर उसके ही प्रतीक के तौर पर बनी नयी ईमारत वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनकर तैयार हो चुकी है और अब इसे कारोबार के लिए खोल दिया गया है.
104 मंजिला इस बहुमंजिली ईमारत को खोले जाने के पहले दिन यहां अमेरिकी प्रकाशन जगत की दिग्गज कंपनी कोन्डे-नास्ट के 175 कर्मचारियों ने काम की शुरुआत की. वोग, द न्यू यॉर्कर और वैनिटी फेयर जैसी मशहूर पत्रिकाओं का प्रकाशन करने वाली इस कंपनी की साल 2015 की शुरूआत तक 3000 और कर्मियों को यहां ले आने की योजना है. इसके लिए इस 104 मंजिला टावर में कोन्डे नास्ट ने 25 मंजिलें भी पहले से ले रखी हैं.
गौरतलब है कि साल 2001 में हुए एक भीषण आतंकी हमले में न्यूयॉर्क के व्यापार का प्रमुख केंद्र ट्विन टॉवर बुरी तरह ध्वस्त हो गया था.
इस नयी इमारत को बनाने में 2.5 खरब रुपये का खर्च आया और यह उसी जगह बनी है जहां, 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले में ट्विन टावर्स में काम करने वाले 2700 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी.
यहां काम करने वाले कर्मचारी आज भी साल 2001 में हुये 9/11 के हादसे के बारे में सोचकर सहम जा रहे हैं और उन्हें दुबारा इस नयी इमारत पर भी आतंकवादी हमला होने का डर सता रहा है.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थल का मालिकाना हक़ पोर्ट अथॉरिटी ऑफ न्यूयॉर्क एंड न्यू जर्सी के पास है औरइसके कार्यकारी निदेशक पैट्रिक फोये के मुताबिक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दुबारा बन जाने से न्यूयॉर्क में फिर से शहर रौनक आ गई है और नए तरीकों से बनाये जाने के बाद वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर अमेरिका में कार्यालयों की सर्वाधिक सुरक्षित इमारत बन चुकी है.
इस इमारत के आर्किटेक्ट टी. जे. गोट्टाडाइनर के मुताबिक इस नए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में स्टील की मदद से कंक्रीट को और मजबूती दी गई है, जिससे ये इमारत किसी भी तरह के आतंकवादी हमले से पूरी तरह सुरक्षित है.
फिलहाल, इस इमारत का 60 प्रतिशत हिस्सा किराए पर दिया गया है और अमेरिकी सरकार ने यहां 2,75,000 वर्ग फ़ीट जगह लेने का करार किया है.
1776 फुट उंची इस बहुमंजिला इमारत को बनाने में तक़रीबन 8 साल लगे और अब काम पूरा हो जाने के बाद ये अमेरिका की सबसे ऊंची इमारत बन चुकी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




