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संकट में नवाज शरीफ,इस्‍तीफे की मांग को लेकर 25 हजार लोग सड़क पर

Updated at : 17 Aug 2014 7:16 AM (IST)
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संकट में नवाज शरीफ,इस्‍तीफे की मांग को लेकर 25 हजार लोग सड़क पर

इसलामाबाद : इमरान खान और मौलाना ताहिर उल कादरी के 25,000 से अधिक समर्थक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफा देने और संसद एवं प्रांतीय असेंबलियों को भंग किये जाने तक राजधानी इसलामाबाद नहीं छोड़ने पर अड़ गये हैं. इससे 15 महीने पुरानी नवाज शरीफ सरकार के सामने अब तक का सबसे बड़ा संकट पैदा हो […]

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इसलामाबाद : इमरान खान और मौलाना ताहिर उल कादरी के 25,000 से अधिक समर्थक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफा देने और संसद एवं प्रांतीय असेंबलियों को भंग किये जाने तक राजधानी इसलामाबाद नहीं छोड़ने पर अड़ गये हैं. इससे 15 महीने पुरानी नवाज शरीफ सरकार के सामने अब तक का सबसे बड़ा संकट पैदा हो गया है.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान ने यहां पहुंचने के बाद समर्थकों से कहा, वक्त आ गया है कि मुल्क फैसला करे. हम उस प्रधानमंत्री को कुबूल नहीं कर सकते, जो धांधलीवाले चुनाव के बाद बना है.

कहा, हम चुनावों में धांधली के खिलाफ चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट गये. इंसाफ नहीं मिला, तो सड़क पर उतरने का फैसला किया. इमरान के प्रदर्शन स्थल से कुछ दूरी पर कादरी और उनकी पार्टी पाकिस्तान अवामी तहरीक के समर्थक डेरा डाले हैं. पाकिस्तानी मूल के कनाडावासी कादरी की मांग है कि 17 जून को पुलिस के साथ झड़प में उनके 14 समर्थकों की मौत के मामले में प्रधानमंत्री शरीफ और पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ को गिरफ्तार किया जाये.

उन्होंने कहा, मैं तब तक नहीं जाऊंगा, जब तक नवाज और शाहबाज गिरफ्तार नहीं हो जाते.ह्ण उन्होंने कहा कि लाहौर के मॉडल टाउन इलाके की घटना को लेकर शरीफ और शाहबाज के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. प्रदर्शनकारी 300 किमी से ज्यादा की दूरी तय कर 35 घंटे में लाहौर से यहां पहुंचे हैं.

जाओ नवाज जाओ: इमरान के धरना पर बैठने के बाद उनके समर्थकों ने जाओ नवाज जाओ के नारे लगाये. खान के समर्थकों ने कहा कि बारिश और सफर से खान की सेहत पर असर पड़ा है. वे 40 घंटों से नहीं सोये.

सरकार को उम्मीद : बिखर जायेंगे लोग: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असैन्य सरकार को हटाने के किसी भी असंवैधानिक कदम के खिलाफ आदेश जारी किया था, क्योंकि विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप सरकार को सत्ता से हटाये जाने का खतरा है. इससे देश में सैन्य हस्तक्षेप का डर बना हुआ है. सरकार को उम्मीद है कि मार्च करनेवाले लोग शांतिपूर्ण ढंग से बिखर जायेंगे, क्योंकि खान और कादरी की कुछ मांगों को मानने के लिए पिछले दरवाजे से प्रयास पहले ही जारी हैं.

सुरक्षा कड़ी: सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए इसलामाबाद में हजारों पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को तैनात किया है. शरीफ ने चुनावों में हुई धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की एक पैनल बनाने की घोषणा मंगलवार को की थी.

* नवाज पर मामला दर्ज हो : कोर्ट

कादरी के 14 समर्थकों की जून में हत्या के सिलसिले में अदालत ने नवाज शरीफ, भाई शहबाज शरीफ और 19 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप दर्ज करने का आदेश दिया.

– क्या हैं मांगें

* शरीफ इस्तीफा दें, प्रांतीय असेंबलियों को भंग किया जाये

* 14 समर्थकों की हत्या मामले में नवाज एवं शाहबाज गिरफ्तार हों

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