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थियानमेन चौक नरसंहार की 30वीं बरसी कल, ...जब चीन में आंदोलन रोकने के लिए छात्रों पर चढ़ा दिये गये थे टैंक

Updated at : 03 Jun 2019 6:34 AM (IST)
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थियानमेन चौक नरसंहार की 30वीं बरसी कल, ...जब चीन में आंदोलन रोकने के लिए छात्रों पर चढ़ा दिये गये थे टैंक

चीन में सुरक्षा कड़ी, अत्याधुनिक तकनीक से लैस पुलिस दे रही पहरा थियानमेन चौक नरसंहार की 30वीं बरसी मंगलवार यानी चार जून को मनायी जायेगी. इसको लेकर चीन की राजधानी बीजिंग में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. थियानमेन चौक पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस पुलिस के जवान पहरा दे रहे हैं. हर ओर सेना […]

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चीन में सुरक्षा कड़ी, अत्याधुनिक तकनीक से लैस पुलिस दे रही पहरा

थियानमेन चौक नरसंहार की 30वीं बरसी मंगलवार यानी चार जून को मनायी जायेगी. इसको लेकर चीन की राजधानी बीजिंग में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. थियानमेन चौक पर अत्याधुनिक तकनीक से लैस पुलिस के जवान पहरा दे रहे हैं. हर ओर सेना और पुलिस के जवान तैनात हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके.

दरअसल, तीस साल पहले चार जून, 1989 को कम्युनिस्ट पार्टी के उदारवादी नेता हू याओबैंग की मौत के खिलाफ छात्रों ने थियानमेन चौक पर प्रदर्शन शुरू किया था. चौक पर जमा हुए लोकतंत्र समर्थकों पर चीन की सरकार ने सैन्य कार्रवाई कर खदेड़ा था. तीन जून की रात और चार जून को तड़के सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की थी. यही नहीं, सेना ने प्रदर्शनकारियों पर टैंक तक चढ़ा दिये थे, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गये थे. उस समय चीनी की इस कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना की गयी थी. तब से लेकर आज तक चीनी सरकार बेहद सर्तकता बरतती है. वह थियानमेन चौक पर पर्यटकों को आने तो देती है, लेकिन उसने इस स्थल को नरसंहार से जुड़ी किसी भी मेमोरियल में तब्दील नहीं होने दिया है.

थियानमेन चौक की घटना के बाद चीन की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में पांचवे नंबर पर रहे च्यो फेंसोउ कहते हैं कि जो हो रहा है, अगर आप उसे देख रहे हैं, तो अब चीन के लिए आशावादी होने की कोई वजह नहीं है.

कहा कि हालात लगातार खराब हो रहे हैं. जो बात एक साल पहले तक अकल्पनीय थी, वह आज वास्तविकता है. अमेरिका में रहने वाले च्यो फेंसोउ वैसे तो हमेशा आशवादी रहते हैं, लेकिन अब उनका दिल टूटता जा रहा है. उनका कहना है कि थियानमेन चौक पर जो हुआ, आज कोई वैसा करने की सोच भी नहीं सकता. सुरक्षा बहुत कड़ी है, उसके लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग हो रहा है.

अमेरिका में चीनी दूतावास के सामने जुटे प्रदर्शनकारी

नरसंहार की 30वीं बरसी मनाने के लिए दर्जनों कार्यकर्ता अमेरिका में चीनी दूतावास के सामने रविवार को एकत्रित हुए. करीब 50 कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर एवं बैटरी से जलने वाली मोमबत्तियां लेकर चीन में लोकतंत्र आने की उम्मीद जतायी.

थियानमेन कार्रवाई सही नीति : चीनी रक्षा मंत्री

चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगहे ने थियानमेन चौक पर प्रदर्शनकारियों पर 1989 में की गयी कार्रवाई को रविवार को सही नीति करार दिया. जनरल वेई फेंगहे ने सिंगापुर में क्षेत्रीय सुरक्षा के एक फोरम से कहा कि वह घटना एक राजनीतिक अस्थिरता थी. केंद्र सरकार ने संकट को रोकने के लिए कदम उठाये, जो एक सही नीति थी. दुनियाभर के साथी रक्षा मंत्रियों, सेना के शीर्ष अधिकारियों ओर शिक्षाविदों से बात करते हुए वेई ने सवाल किया कि क्यों लोग अब भी कहते हैं कि चीन ने घटना को सही तरीके से नहीं संभाला.

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