लापता नाइजीरियाई छात्राओं को ढूंढने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तेजी

Published at :12 May 2014 10:52 AM (IST)
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लापता नाइजीरियाई छात्राओं को ढूंढने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तेजी

लागोस : नाइजीरिया में इस्लामी आतंकियों द्वारा अपहृत 200 से ज्यादा छात्राओं का पता लगाने के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में इस्राइल भी शामिल हो गया है लेकिन वाशिंगटन ने कहा है कि अमेरिकी सैनिक किसी भी बचाव अभियान से दूर ही रहेंगे. नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने कल फोन पर इस्राइल […]

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लागोस : नाइजीरिया में इस्लामी आतंकियों द्वारा अपहृत 200 से ज्यादा छात्राओं का पता लगाने के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में इस्राइल भी शामिल हो गया है लेकिन वाशिंगटन ने कहा है कि अमेरिकी सैनिक किसी भी बचाव अभियान से दूर ही रहेंगे. नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने कल फोन पर इस्राइल के प्रधानमंत्री से बात की और लगभग एक माह पहले बोको हरम के लडाकों द्वारा अपहृत लडकियों का पता लगाने में इस्राइल की ओर से की गई मदद की पेशकश स्वीकार कर ली.

खोज कार्य में नाइजीरियाई सेना की मदद करने के लिए ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस पहले ही विशेषज्ञों के दल और उपकरण भेज चुके हैं. खोज का यह कार्य पांच साल से घातक हिंसा के शिकार सुदूर पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रित है. जोनाथन के प्रवक्ता रेउबेन अबाती ने कहा कि राष्ट्रपति ने नेतान्याहू को बताया कि, ‘‘इस्राइल की विश्वस्तरीय आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञता का सहयोग लेकर नाइजीरिया को खुशी महसूस होगी.’’ इसी बीच अजरबेजान की यात्रा पर आए फ्रांसिसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि ‘देशों के मान जाने पर’ पश्चिमी अफ्रीका में बोको हरम पर केंद्रित एक सुरक्षा सम्मेलन इसी शनिवार को आयोजित किया जा सकता है.

लडकियों का पता लगाने में धीमी प्रतिक्रिया के कारण अबुजा की सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पडा और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने शुक्रवार को दावा किया कि सेना ने इस अपहरण की चेतावनी पहले ही दी थी. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे रोष के कारण दुनिया भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अबुजा सरकार को सक्रिय होना पडा. अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से सैन्य गुप्तचरों और निगरानी विशेषज्ञों की मदद दी जा रही है. चीन ने भी मदद का प्रस्ताव दिया है.

हालांकि वाशिंगटन ने यह कहा है कि उसकी ओर से दी जाने वाली मदद में सैनिक नहीं दिए जाएंगे. अमेरिकी रक्षामंत्री हेगल ने एबीसी टेलीविजन को बताया, ‘‘इस समय अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने का कोई विचार नहीं है.’’ हेगल ने स्वीकार किया कि अभी भी लापता 223 लडकियों का पता लगाना आसान काम नहीं होगा. जोनाथन ने कहा है कि उन्हें लगता है कि लडकियां अभी भी नाइजीरिया में हैं और खोज कार्य पूर्वोत्तर बोर्नो राज्य के संबीसा वन्य इलाके में किया जा रहा है. यही वह इलाका है, जहां सेना को पहले बोको हरम के शिविर और हथियार मिले थे. ऐसा भय लोगों में व्याप्त है कि लडकियों को सीमा पार चाड और कैमरुन में ले जाया जा चुका होगा.

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