अमेरिका में कोरोना वायरस ने ली 11 भारतीयों की जान, 16 Covid-19 पॉजिटिव मिले

Updated at : 09 Apr 2020 9:44 AM (IST)
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अमेरिका में कोरोना वायरस ने ली 11 भारतीयों की जान, 16 Covid-19 पॉजिटिव मिले

Malden: Mourners stand by the casket of veteran Mary Foley, Wednesday, April 8, 2020, in Malden, Mass. Foley, who died at the age of 93, served in the U.S. Air Force, including WWII. Due to the coronavirus crisis, she cannot be given a formal military funeral. AP/PTI(AP08-04-2020_000281A)

coronavirus in us: अमेरिका में कोविड-19 से कम से कम 11 भारतीयों की मौत हो गयी है, जबकि 16 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

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अमेरिका में कोविड-19 से कम से कम 11 भारतीयों की मौत हो गयी है, जबकि 16 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण अमेरिका में अब तक 14,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं. अमेरिका में घातक संक्रमण से जिन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, वे सभी पुरुष हैं, जिनमें से दस न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी क्षेत्र से हैं. मृतकों में से चार न्यूयॉर्क शहर में टैक्सी चालक बताये जा रहे हैं.

फ्लोरिडा में एक भारतीय नागरिक की कथित तौर पर कोरोनावायरस के कारण मौत हो गयी. कैलिफोर्निया और टेक्सास राज्यों में अधिकारी कुछ अन्य भारतीय मूल के लोगों की राष्ट्रीयता का भी पता लगा रहे हैं. इसके अलावा, चार महिलाओं सहित 16 भारतीय को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है और सभी पृथक वास में रह रहे हैं. उनमें से आठ न्यूयॉर्क से, तीन न्यूजर्सी से और बाकी टेक्सास और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों से हैं. ये भारतीय उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के रहने वाले हैं.

कोविड-19 से प्रभावित भारतीय नागरिकों और छात्रों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय दूतावास और अमेरिका भर में स्थित वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों और भारतीय-अमेरिकी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

अमेरिका से जल्दी भारत में कोरोना से ठीक हो रहे लोग

दुनियाभर के आंकड़ों को देखें, तो भारत में कोरोना के मरीज अमेरिका के मुकाबले जल्दी ठीक हो रहे हैं. अमेरिका में जहां महज 5% लोग बीमारी से उबरकर घर लौटे हैं, तो वहीं भारत में 7% से ज्यादा मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. अमेरिकी एजेंसी ‘सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ के अनुसार, अब तक जो तथ्य आये हैं, उससे पता चलता है कि ज्यादातर मरीजों का सिर्फ घर में ही रहने से उपचार हो सकता है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की अमेरिका को जारूरत

वैज्ञानिक और चिकित्सा समुदाय इस बीमारी का टीका तथा इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं. अमेरिका के खाद्य एवं औषध प्रशासन ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की कोविड-19 के संभावित इलाज के तौर पर पहचान की है और इसकी न्यूयॉर्क में 1,500 से अधिक मरीजों पर जांच की जा चुकी है. कोरोना वायरस के इलाज में इसके कारगर होने की संभावना के चलते ट्रंप ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की तीन करोड़ से अधिक गोलियां खरीदी हैं. ट्रंप ने पिछले हफ्ते फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी से मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली यह दवा भेजने का अनुरोध किया था. भारत इस दवा का मुख्य उत्पादक है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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