कोरोमंडल हादसा: शवों को छिपा रहा रेलवे, हो रही गंदी राजनीति- कोलकाता में बोलीं ममता बनर्जी

ओडिशा के बालेश्वर जिले में कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने के दो दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और देश की पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है.
ओडिशा रेल हादसे में पश्चिम बंगाल के 62 लोगों की मौत हो गयी. 206 घायलों का बंगाल के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. 73 लोग ओडिशा के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. वहीं, 56 घायलों को ओडिशा के अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया है. ये बातें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार (4 जून) को कोलकाता के कालीघाट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. ममता बनर्जी ने कहा कि अपनी गलती छिपाने के लिए ये लोग छुपा रुस्तम की तरह दूसरों को गाली दे रहे हैं. यह ठीक नहीं है. आपने किया ही क्या है. आपने कुछ भी नहीं किया. ममता बनर्जी ने रेलवे पर शवों को छिपाने का आरोप लगाया. कहा कि इतनी जल्दी आप कैसे मृतकों की संख्या बता सकते हैं. अभी कम से कम 10 दिन लगेंगे. तब जाकर पता चलेगा कि कितने लोगों की मौत हुई. शवों पर राजनीति हो रही है. गंदी राजनीति हो रही है. यह सही नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों में कमी-बेसी कैसे हो सकती है. यह बताता है कि दाल में कुछ काला है.
182 लोगों की अब तक नहीं हो पायी है पहचान : ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की सीएम सह तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 182 लोगों की अब तक पहचान नहीं हो पायी है. ममता बनर्जी ने कहा कि वह पूरे मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रही हैं. बहुत से लोग हैं, जो अब भी नहीं जानते कि उनके परिजन कहां हैं.
केंद्र सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, काम राज्य को करना होता है
ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमने रेलवे और ओडिशा सरकार की बहुत मदद की. हमने एंबुलेंस भेजा, डॉक्टरों की टीम भी भेजी, जिन्होंने घायलों के इलाज में मदद की. तृणमूल सुप्रीमो ने केंद्र सरकार पर हमला भी बोला. कहा कि केंद्र सरकार बातें बहुत करती हैं, लेकिन काम राज्य सरकार को ही करना पड़ता है.
बंगाल में 24 घंटे काम कर रहा मॉनिटरिंग सेल
ममता बनर्जी ने कहा कि खड़गपुर, सांतरागांछी और हावड़ा में मॉनिटरिंग सेल 24 घंटे काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे कई आईएएस अधिकारी अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं. रेल हादसे में घायल सभी लोगों को पूरी मदद दी जा रही है. उन्हें उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
मैंने रेल दुर्घटना को कम किया
ममता बनर्जी ने कहा कि जब मैं रेल मंत्री थी, तब नया सिग्नल सिस्टम नहीं था. हमने तब ट्रेनों में एंटी कोलिजन डिवाइस लगवाया था. मैंने जो काम किये थे, उसकी वजह से ही रेल दुर्घटनाओं में कमी आयी. इस सरकार ने रेलवे में कुछ किया ही नहीं है. उन्होंने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ओडिशा में लोगों के इलाज की अच्छी व्यवस्था नहीं है.
Also Read: बालासोर ट्रेन हादसे पर बोलीं ममता बनर्जी- राजनीति का वक्त नहीं, रेलवे सेफ्टी कमीशन करे जांच
अस्पताल में पंखा तक नहीं : ममता का आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस जगह घायलों को रखा गया है, वहां एक पंखा तक की व्यवस्था नहीं है. लोगों के सिर में गंभीर चोट लगी है, लेकिन मामूली पट्टी करके छोड़ दिया गया है. उन्हें बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है. यही वजह है कि बंगाल के अधिकतर लोगों को मैं ट्रेन और बस के जरिये यहां ले आयी. सभी लोगों का समुचित इलाज यहां हो रहा है.
ये लोग इतिहास बदल सकते हैं, आंकड़े भी बदल देंगे
तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि ये लोग इतिहास बदल सकते हैं. किसी भी आंकड़े को बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि आपको जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी, लेकिन आप लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और मुझे गाली दे रहे हैं. उन्होंने गोधरा ट्रेन हादसे का भी जिक्र किया. पूछा कि वह हादसा कैसे हुआ था? आपके राज में बहुत-सी दुर्घटनाएं हुईं. हमने कभी सवाल नहीं किया.
केंद्र को जनता से माफी मांगनी चाहिए
रेल हादसे में मृत्यु के आंकड़ों में कमी किये जाने पर भी ममता बनर्जी ने नाराजगी जाहिर की. कहा कि आपको जनता से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन आपने वो भी नहीं किया. कोई समन्वय नहीं था. तभी दो ट्रेनें टकरा गयीं. उन्होंने कहा कि आप हर महीने ट्रेन के टिकट की कीमत बढ़ा रहे हैं. संसद भवन बनाने के लिए भी उन्होंने केंद्र की आलोचना की. कहा कि आप अपनी प्रसिद्धि के लिए ये सब कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




