बच्चों में गंदगी से भी होता है कुपोषण
Author Prabhat khabar digital desk
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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में हर साल 30 लाख बच्चे इन्फेक्शन के शिकार हो रहे हैं. भले उनमें से 20 लाख बच्चों को टीके के जरिये बचाया जा रहा है, लेकिन संख्या हर साल बढ़ती जा रही है. लैंसेट मेडिकल जनरल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील देशों में 20 करोड़ से ज्यादा […]
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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में हर साल 30 लाख बच्चे इन्फेक्शन के शिकार हो रहे हैं. भले उनमें से 20 लाख बच्चों को टीके के जरिये बचाया जा रहा है, लेकिन संख्या हर साल बढ़ती जा रही है. लैंसेट मेडिकल जनरल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक विकासशील देशों में 20 करोड़ से ज्यादा बच्चों का फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट पूरा नहीं होता.
सर्वे के मुताबिक भारत में 47 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. दरअसल, पेट में इन्फेक्शन होने की वजह से जरूरी पोषक तत्व पेट से बाहर निकल जाते हैं, जिसका सीधा असर बच्चे के ब्रेन पर पड़ता है. गंदगी में खेलने, गंदा पानी पीने, बिना हाथ धोये खाने से बैक्टीरिया आंत तक पहुंच जाते हैं.
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