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पिछले 25 वर्षों में सबसे क्रांतिकारी तकनीक है स्मार्टफोन....जानें कैसे

Updated at : 20 Dec 2017 12:52 AM (IST)
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पिछले 25 वर्षों में सबसे क्रांतिकारी तकनीक है स्मार्टफोन....जानें कैसे

तकनीकी बदलावों के दौर में स्मार्टफोन डिवाइस मानव जीवनशैली में सबसे बड़े परिवर्तन की वाहक रही है़ इस लाइफ- चेंजिंग टेक्नोलॉजी ने तमाम डिवाइसेज की जरूरतें न केवल खत्म कर दीं, बल्कि कनेक्टिविटी के दायरे को अविश्वसनीय तरीके से बढ़ा दिया है़ टेलीकम्युनिकेशन कंपनी टीएसआई के सर्वे के में यह तथ्य प्रमाणित हुआ है़ इस […]

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तकनीकी बदलावों के दौर में स्मार्टफोन डिवाइस मानव जीवनशैली में सबसे बड़े परिवर्तन की वाहक रही है़ इस लाइफ- चेंजिंग टेक्नोलॉजी ने तमाम डिवाइसेज की जरूरतें न केवल खत्म कर दीं, बल्कि कनेक्टिविटी के दायरे को अविश्वसनीय तरीके से बढ़ा दिया है़ टेलीकम्युनिकेशन कंपनी टीएसआई के सर्वे के में यह तथ्य प्रमाणित हुआ है़ इस सर्वे से जुड़े तमाम बिंदुओं के विश्लेषण के साथ प्रस्तुत है आज का इन्फो टेक पेज…
50 फीसदी लोगों ने बताया है कि वर्ष 1990 के बाद से उन्होंने अपने समय में बहुचर्चित और बहुपयोगी रह चुके फ्लॉपी डिस्क्स, पेजर्स, 35 एमएम कैमरा और वीडियो कैसेट रिकॉर्डर जैसी डिवाइसों का नहीं खरीदा था.
60 फीसदी लोगों ने कहा कि स्मार्टफोन ने अब तक उनकी जिंदगी में अहम योगदान दिया है. इन लोगों ने स्वीकार किया कि उनका कामकाज तकनीक पर निर्भर हो रहा है. साथ ही, इन लोगों ने दूरदराज इलाकों से कामकाज में आसानी होने की बात कही है.
90 फीसदी लोग रोजाना इसके जरिये इंटरनेट पर चार घंटे से अधिक समय बिताते हैं, जो पूरे साल में 1,460 घंटे होता है.
61 दिन स्मार्टफोन पर बिताते हैं 90 फीसदी इसके यूजर्स इंटरनेट पर प्रत्येक वर्ष.
2050 तक के बारे में अनुमान लगाया गया है कि उस समय ड्राइवरलेस कारों, रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वर्चस्व कायम हो जायेगा.
बिजनेस ट्रेंड्स में आयेगा बदलाव
इस सर्वे में बिजनेस ट्रेंड्स पर भी नजर डाली गयी है. जैसे-जैसे तकनीक एडवांस होती जा रही है, वैसे-वैसे दूरदराज इलाकों से काम करना और उसे जरूरत के मुताबिक जगहों तक पहुंचाना आसान होता जायेगा. इससे आने-जाने के समय की बचत होगी. दरअसल, ऐसा पाया गया है कि कामकाजी लोगों में करीब 58 फीसदी लोग प्रत्येक सप्ताह सात घंटे या उससे भी ज्यादा कारोबार के सिलसिले में आना-जाना होता है. इसका मतलब हुआ कि इससे प्रत्येक वर्ष 354 घंटे या 15 दिनों का नुकसान होता है.
अंडरवाटर सिटी
इस सर्वे में बढ़ती आबादी को भविष्य में पानी के भीतर बसाने की योजना पर भी जानकारी दी गयी थी. लेकिन, किसी ने भी इस पर अपना मत नहीं दिया.
डाटा सुरक्षा
इस संदर्भ में डाटा सुरक्षा एक अहम मसला है. सर्वे में पाया गया कि 64 फीसदी लोग अपने डाटा की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे. जबकि, 45 फीसदी ने यह महसूस किया है कि इस संदर्भ में मानवीय भूल सबसे बड़ी चुनौती हो सकती है.
(स्रोत : नेटइंपेरेटिव डॉट कॉम)
35 एमएम कैमरा और एरियल के साथ फोन के बावजूद, मुझे अभी भी अपनी पहली ब्रिक जैसी फोन याद है. यहां मैं पेजर का उल्लेख नहीं करना चाहूंगा. पहली बार जब उसे रिलीज किया गया था, तो कितना रोमांच था लोगों के बीच.
– स्टीव केप्रिनाऊ, मैनेजिंग डायरेक्टर, टीएसआई
स्मार्टफोन ने बदला तकनीक इस्तेमाल का तरीका
स्मार्टफोन ने हमारे जीवन में बड़ा बदलाव कर दिया है. हमारी सुबह ही उससे होती है, जब हम अलार्म घड़ी को बंद करते हैं. स्मार्टफोन की लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि इसके प्रादुर्भाव के बाद लैंड लाइन फोन से लेकर डेस्कटॉप कंप्यूटर्स, डिजिटल कैमरा, एमपी3 प्लेयर्स आदि की बिक्री एकदक से कम हो गयी.
महज कुछ साल पहले तक हमारे जीवन में डेस्कटॉप कंप्यूटर्स की जगह व्यापक हो गयी थी, लेकिन स्मार्टफोन के प्रचलन के बाद से उसकी अहमियत भी घट गयी है. स्मार्टफोन एक प्रकार से हमारा पीए यानी पर्सनल असिस्टेंट बन चुका है, जो हमें रोजमर्रा से जुड़ी विविध चीजों के बारे में न केवल जानकारी प्रदान करता रहता है, बल्कि उन्हें कैसे निबटाना है, इस बारे में भी बताता रहता है.
अमेरिका में मोबाइल से खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं लोग
90 फीसदी लोगों का कहना है कि मोबाइल डिवाइस उन्हें फैमिली इमरजेंसी के दौरान संपर्क बनाये रखता है.
80 फीसदी लोग स्मार्टफोन रहने से घर से बाहर रहने के दौरान वे परिवार से नजदीकी महसूस कर पाते हैं.
80 फीसदी कहते हैं कि स्मार्टफोन के कारण वे पारिवारिक सदस्यों के बीच एक-दूसरे की गतिविधियों को आपस में साझा कर पाते हैं.
80 फीसदी लोग अपने पास मोबाइल डिवाइस होने के कारण खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. (स्रोत : सीटीआईए)
इस संबंध में एक अमेरिकी सर्वे में आयी रिपोर्ट इस प्रकार है :
अपने नये फोन में फोटो कैसे करें मूव
– सबसे पहले अपने डिवाइस में गूगल फोटो एप्प को डाउनलोड करें.
– गूगल एकाउंट को लॉगइन करने के बाद यह एप्प अपनेआप आपके सभी फोटो और वीडियाे को क्लाउड में अपलोड कर देगा. हालांकि, इसमें कुछ समय लग सकता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें कितने फोटो और वीडियो हैं.
– एक बार जब यह प्रक्रिया पूरा हो जायेगी, आप अपने नये डिवाइस को स्टार्ट करें और उसमें गूगल फोटो एप्प को डाउनलोड करें.
– अपने नये डिवाइस में अपने गूगल एकाउंट को साइन इन करें, और अब आप इस नये डिवाइस में इस एप्प के जरिये अपने सभी फोटो देखने में सक्षम होंगे.
– अपने फोन में इन सभी फोटो को डाउनलोड करने के लिए एप्प में उसे सेलेक्ट करें और दाहिने ओर दिये गये तीन हॉरिजेंटली एलाइंड डॉट्स को टेप करें. इन्हें टेपिंग करते ही एक मेन्यू ओपन होगा, जिसमें इन्हें डिवाइस में सेव करने का विकल्प आयेगा. अब आप अपने फोन में इन फोटो को सेव करने के लिए सेव ऑप्श्न को टेप करें.
कंप्यूटर के लिए भी इस्तेमाल
गूगल फोटो डेस्कटॉप अपलोडर को गूगल फोटो वेबसाइट से प्राप्त कर आप अपने कंप्यूटर के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.ऑटोमेटिक तरीके से यह आपके कंप्यूटर पर खास फोल्डर्स का बैक अप लेगा, जहां आम तौर पर फोटो और वीडियो होते हैं, जैसे कि आईफोटो लाइब्रेरी, एप फोटो लाइब्रेरी, पिक्चर्स और डेस्कटॉप.
आप नये फोल्डर्स का निर्माण और उन्हें हाईलाइट भी कर सकते हैं, ताकि उसका भी बैक अप लिया जा सके, जिससे अाप अपनी मर्जी के मुताबिक अपने सिस्टम को रख सकते हैं. क्लाउड में आप फोटो वीडियोज रखते हुए यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वह पूरी तरह से सुरक्षित होगी. साथ ही, आप उसे चाहें तो जितने फोन, टैबलेट या कंप्यूटर्स पर डाउनलोड कर सकते हैं.
(स्रोत : टेक एडवाइजर डॉट को डॉट यूके)
प्रस्तुति : कन्हैया झा
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