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Yoga Day: नाद योग की साधना में भीतर से क्यों सुनाई देती है झींगुर, मेंढक की आवाज

Yoga Day: नाद का मतलब है अंतर्मन की गहराई में ध्वनि स्पंदन, जिसके लिए साधक पहले प्रकृति की आवाजों के साथ ध्यान को साधता है. फिर अचेतन मन में ध्वनि से जुड़ता है

Yoga Day: सेहतमंद होने और मन को शांत करने के लिए योग का अभ्यास तो आपने सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक योग ऐसा है जो ध्वनि की साधना सिखाता है. यह नादयोग है. इसकी साधना काफी जटिल है. इसे साध लेने पर संगीत में काफी ऊंचाई मिल सकती है. यहां तक कि ब्रह्मांड की सूक्ष्म ध्वनियों को भी सुनने में सफलता मिलती है. नादयोग के बारे में सत्यानन्द योग मिशन के निदेशक स्वामी मुक्तरथ ने बताया कि नादयोग ध्यान की सूक्ष्म साधना है, जिसे जंगल में योगी लोग किया करते थे. नाद का मतलब है अंतर्मन की गहराई में ध्वनि स्पंदन, जिसके लिए साधक पहले प्रकृति की आवाजों के साथ ध्यान को साधता है. फिर अचेतन मन में चल रही ध्वनि के साथ जुड़ता है, ताकि अनहद की गूंज और भीतर की सूक्ष्म ध्वनि के साथ मन जुड़ सके. स्वामी मुक्तरथ का कहना है कि ब्रह्मांड में अदृश्य घटनाक्रम की ध्वनियां और उसके कंपन लगातार चलते रहते हैं. नादयोग के अभ्यास में साधक आंतरिक ध्वनि के साथ संपर्क साधकर परमात्मा से जुड़ने का प्रयास करता है. इस प्रकार की साधना में अनहद नाद के जागृत होने पर साधक को मन की गहराई में कई प्रकार के आवाज सुनाई पड़ते हैं. ध्यान में घंटा, घड़ियाल, शंख, वंशी, झींगुर, मेंढक और बादल की गर्जना भी सुनाई देती है. स्वामी मुक्तरथ के मुताबिक, नादयोग संगीत साधना के लिए भी बहुत उपयोगी है. सिद्ध संगीतज्ञ का भी अंतर्नाद जागृत रहता है. यही कारण है कि उनकी ओर हजारों-हजार लोग खींचे चले आते हैं.

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Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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