Viral Video : इस मुस्लिम शिक्षक के छलके आंसू, वीडियो देखकर आप भी रो देंगे

Published by : Amitabh kumar Updated At : 06 Sep 2025 7:13 AM

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Viral Video : इस मुस्लिम शिक्षक के छलके आंसू, वीडियो देखकर आप भी रो देंगे

Viral Video : सोशल मीडिया पर एक टीचर का वीडियो वायरल है. इसमें उनकी आंखों में आंसू हैं. कई शिक्षकों के विपरीत, उन्होंने कमजोर छात्रों की अनदेखी नहीं की, बल्कि उनकी कमजोरियों को दूर करने में अतिरिक्त समय देकर उनकी मदद की. जानें उनकी आंखों से क्यों छलके आंसू?

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Viral Video : एक व्यक्ति ने 43 साल पहले सबसे निःस्वार्थ पेशा शिक्षण चुना. उसने मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के छोटे से गांव गवला में शिक्षा को लेकर एक बड़ा परिवर्तन लाकर वहां के लोगों का दिल जीत लिया. यह प्रेरणादायक कहानी नूर खान की है, जो इंदौर संभाग के खरगोन जिले के निवासी हैं और एक सरकारी स्कूल शिक्षक हैं. उन्होंने कई बच्चों की जिंदगी रोशन की, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. अब उनका रोते हुए एक वीडियो सामने आया है. पहले आप वीडियो देखें फिर आगे सारी बात पढ़ें.

नूर खान की आंखों से क्यों छलके आंसू?

दरअसल, सोशल मीडिया पर उनके विदाई समारोह का एक भावुक वीडियो सामने आने के बाद नूर खान ने लोगों के दिलों को छू लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि गांववाले उनका सम्मान कर रहे हैं, उन्हें माला पहना रहे हैं. जब वह गांव का चक्कर लगाते हैं, तो लोग उनके साथ चलते हैं. इस दौरान नूर खान की आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं, जो सभी को भावुक कर देता है. इस वीडियो को The Better India ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया है.

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वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया कि मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के गांव गवला में एक बेहद भावुक पल देखने को मिला. नूर खान एक सरकारी स्कूल शिक्षक, जिन्होंने 43 साल तक लगातार सेवा दी, अब विदाई ले रहे थे. उन्होंने अपनी शिक्षक यात्रा की शुरुआत 1980 के दशक के अंत में की थी. शुरुआत से ही उनका मानना था कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए जरूरी है. शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ, उन्होंने बच्चों को अनुशासन, मूल्यों और जीवन के पाठ भी सिखाए. वह दरवाजे-दरवाजे जाकर माता-पिता को मनाते कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें, कमजोर छात्रों के साथ अतिरिक्त समय बिताते, और यह सुनिश्चित करते कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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