अलीगढ़: अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बोले- कुछ लोग नहीं चाहते कि मुसलमानों को मिलें बराबरी का हक

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अलीगढ़: अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बोले- कुछ लोग नहीं चाहते कि मुसलमानों को मिलें बराबरी का हक

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी सोमवार को सर्किट हाउस में मीटिंग लेने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुसलमानों को समानता का अधिकार नहीं दिये जाने के विरोध में है. आज उन्हीं लोगों के पेट में दर्द हो रहा है.

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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश अध्यक्ष अशफाक सैफी ने कहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट इस देश के लिए बहुत जरूरी है. कुछ लोग साजिशन नहीं चाहते कि मुसलमानों को बराबरी का हक मिले. उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से अल्पसंख्यकों के कल्याण, उनकी तरक्की, बच्चों की शिक्षा और न्याय मिल सकेगा . उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर हो, ताकि दीनी तालीम के साथ तकनीकी ज्ञान भी हासिल करें. आर्टिकल 44 के तहत यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने की आवश्यकता है, क्योंकि देश का मुसलमान गरीब , पिछड़ा और अशिक्षित है. जिसको अच्छी शिक्षा मिले. गरीबी दूर हो. लेकिन कुछ लोग मुसलमानों को समानता का अधिकार नहीं दिये जाने के विरोध में है. आज उन्हीं लोगों के पेट में दर्द हो रहा है. अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी सोमवार को सर्किट हाउस में मीटिंग लेने के लिए पहुंचे थे.

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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